देहरादून: पहली बार उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मीटिंग देहरादून जिले से बाहर चंपावत जिले में होने जा रही है। जिसके चलते सचिवालय स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह जिले में होने वाली यह मीटिंग 4 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे बनबसा में NHPC कैंपस में होगी। देहरादून के बाहर कैबिनेट मीटिंग करने की सरकार की परंपरा को जारी रखते हुए चंपावत को जगह के तौर पर चुना गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्वाचन क्षेत्र चंपावत में यह पहली कैबिनेट बैठक मानी जा रही है। संबंधित डिपार्टमेंट मीटिंग की तैयारी कर रहे हैं। प्रस्तावित टॉपिक को फाइनल किया जा रहा है। इस मीटिंग में राज्य से जुड़े ज़रूरी मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ कई ज़रूरी प्रस्तावों को मंज़ूरी मिलने की संभावना है। जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, परिवहन समेत सभी विभागों के प्रस्ताव रखे जाएंगे। जिसमें पॉलिसी से जुड़े फैसले, डेवलपमेंट प्लान और पब्लिक इंटरेस्ट से जुड़े मुद्दे शामिल हो सकते हैं।
देहरादून से बाहर कैबिनेट बैठक की परंपरा
उत्तराखंड सरकार की परंपरा है कि वह समय-समय पर देहरादून के बाहर अलग-अलग जिलों में कैबिनेट मीटिंग करती है। इससे लोकल लेवल पर डेवलपमेंट के काम का रिव्यू किया जा सकता है। ज़िले से जुड़े मामलों पर तुरंत फ़ैसले लिए जा सकते हैं। दरअसल, 2010 में निशंक सरकार ने गंगा प्रदूषण के खिलाफ अभियान के दौरान हरिद्वार में हर की पौड़ी पर कैबिनेट मीटिंग की थी। साल 2012 में विजय बहुगुणा सरकार के दौरान गैरसैंण, चमोली में कैबिनेट मीटिंग हुई थी। इसके बाद भराड़ीसैंण और गैरसैंण में विधानसभा भवन बनने के बाद वहां कैबिनेट मीटिंग और बजट सत्र से जुड़ी सरकारी गतिविधियां होती रही हैं। चंपावत जिला उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में स्थित है। यह मुख्यमंत्री धामी का गृह जिला होने के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्र भी है, जिससे इस बैठक का रणनीतिक महत्व बढ़ जाता है। 4 अक्टूबर को चंपावत में प्रस्तावित कैबिनेट मीटिंग के बाद, उत्तराखंड सरकार देहरादून के बाहर कैबिनेट मीटिंग करने की इस पहल को आगे बढ़ाते हुए राज्य के दूसरे जिलों में भी कैबिनेट मीटिंग कर सकती है।
















