वाराणसी। शहर में सीवर जाम कर जलभराव की समस्या पैदा करने की कथित साजिश का मामला सामने आया है। शिवाला, सरायनंदन, नगवा समेत करीब आधा दर्जन वार्डों में मुख्य सीवर लाइनों की सफाई के दौरान बालू से भरी बोरियां, लकड़ी का बुरादा, पत्थर, प्लाई और प्लास्टिक की सामग्री ठूंसी हुई मिली। नगर निगम प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी है।
शिवाला क्षेत्र में अग्रवाल रेडियो के पास सीवर लाइन की सफाई के दौरान करीब 12 बोरी बालू निकाली गई। मुख्य सीवर लाइन में इतनी ज्यादा बालू की बोरियां मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम का कहना है कि प्रथमदृष्टया यह जानबूझकर सीवर लाइन को जाम करने का प्रयास प्रतीत होता है। मुख्य मार्ग की सीवर लाइन जाम होने से आसपास की सहायक गलियों में सीवर का पानी ओवरफ्लो होने लगा था। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और जलभराव की स्थिति पैदा हुई।
महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पार्षदों एवं अधिकारियों के साथ शिवाला वार्ड में अग्रवाल रेडियों के पास मौके का निरीक्षण किया। पिछले दस दिनों से सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर नगर निगम को निशाना बनाते हुए जलभराव की भ्रामक फोटो और वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। जबकि नगर निगम के अनुसार कई जलभराव वाले स्थानों की समस्या का समाधान किया जा चुका है।
सीसीटीवी फुटेज से होगी आरोपियों की पहचान
महापौर ने कहा कि सीवर लाइन में बालू भरी बोरियां मिलना गंभीर मामला है और इसकी गहन जांच जरूरी है। नगर निगम प्रशासन क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहा है। फुटेज के आधार पर सीवर लाइन में सामग्री डालने वालों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने भी मामले के पीछे अवांछनीय तत्वों का हाथ होने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि नगर निगम इस मामले की तह तक जाने और साजिश का पर्दाफाश करने में जुटा है।














