रुद्रपुर: उधम सिंह नगर में बारवाफ़त के दिन त्रिशूल चौक पर निकाले गए मुस्लिम समुदाय के जुलूस के दौरान एक उलेमा द्वारा धामी सरकार के खिलाफ उत्तेजित माहौल बनाने का वीडियो वायरल होने के बाद तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में उलेमा के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद से जुलूस के आयोजक और माइक पर धामी सरकार के खिलाफ बोलने वाले उलेमा फरार हो गए है।
पुलिस के दल बल उनकी तलाश में छापेमारी कर रहे हैं। मुस्लिम मोहल्लों में पुलिस प्रशासन की हूटर बजाती गाड़ियों ने कई स्थानों पर दबिश दी और त्रिशूल चौक के पास मुस्लिम दुकानदारों से पूछताछ की। खबर है कि पुलिस की आक्रामक कार्रवाई से मुस्लिम मोहल्लों में दहशत है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कल एक जनसभा में चेतावनी भरे अंदाज में चेताया कि मदरसे बंद है तो बंद है ये देवभूमि है यहां मुल्लेवादी सोच के लिए कोई स्थान नहीं है ये राज्य इन उलेमाओं की मुल्लेवादी विचारों से नहीं चलेगा। सीएम धामी के इस बयान के बाद उधम सिंह नगर पुलिस और तेजी से हरकत में आई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने बताया कि जुलूस के दौरान उन्मादी भाषण दिए जाने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है, ऐसी सूचना है कि मौलवी अजमेर भाग गए हैं और वो मूलतः यूपी के रामपुर जिले के रहने वाले हैं और पुलिस टीमें उनकी तलाश में भेजी गई है।
उधर जश्न ए मोहम्मदी जुलूस में धामी सरकार के द्वारा मदरसे बंद किए जाने, ईदगाह की सरकारी जमीन पर सरकार द्वारा कब्जा लिए जाने पर, बोले गये बोलों से पूरे उत्तराखंड में हिंदू संगठनों में गुस्सा है। मेयर रुद्रपुर विकास शर्मा ने कहा कि ये धामी सरकार है वो मुस्लिमों के नट बोल्ट कसना जानती है। बीजेपी विधायक शिव अरोरा ने कहा कि कठमुल्ले अपनी हद में रहे अन्यथा हम इनका इलाज करना जानते है।उन्होंने कहा कि ये धामी सरकार है जो हर बिगड़े बोल का जवाब देना जानती है। उधर मुस्लिम जुलूस की अगुवाई करने वाले डॉ शहीद रजा ने कहा कि जुलूस में ऐसा कुछ नहीं कहा जो बोला जा रहा है वो ए आई रचित है।
हालांकि, पुलिस को मिले साक्ष्यों और पूछताछ में भी ये बात भी स्पष्ट हो गई है कि मौलवी उलेमाओं ने त्रिशूल चौक पर धामी सरकार के खिलाफ बिगड़े बोल बोले गये है। बहरहाल, इस मामले में उधम सिंह नगर में सियासत तेज हो गई है और सांप्रदायिक माहौल भी गर्माया हुआ है, ये भी बताया गया है कि जुलूस के आयोजक कांग्रेस दल से जुड़े हुए हैं। उधर अल्पसंख्यक मामलों के विशेष सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते ने कहा है कि धामी सरकार ने मदरसा बोर्ड समाप्त कर दिया है और नया अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया है जिसमें मदरसा संचालकों के लिए मान्यता लेना और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम पढ़ाना अनिवार्य है।













