
गाजीपुर/लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि समाज को बांटने वाले लोग विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी को सम्मानित करते हैं। वे असलहा लहराने वाले दुर्दांत माफिया के सामने नाक रगड़ते थे और माफिया की कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते थे। हमारी सरकार ने जीरो टॉलरेंस के तहत माफिया को मिट्टी में मिला दिया। अब गरीब का बेटा रामलीला का आयोजन करता है तो कोई असलहा लहराकर दंगा करने का दुस्साहस नहीं कर सकता, क्योंकि उसे मालूम है कि ऐसा करने वालों को मिट्टी में ही दफन होना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री गुरुवार को गाजीपुर में 692 करोड़ रुपये की 268 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इन परियोजनाओं का लाभ गाजीपुर, जखनिया, मोहम्मदाबाद, सैदपुर, जमानिया, जहूराबाद व जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। सीएम ने लोकार्पण व शिलान्यास वाली योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी। इस मौके पर सीएम ने गाजीपुरवासियों से अपील की कि ऐसे जनप्रतिनिधि चुनिए, जो आपकी पैरोकारी कर सकें। ऐसे सांसद नहीं चाहिए, जो अवैध असलहा लाइसेंस बनाने में व्यस्त हों। ऐसे जनप्रतिनिधि नहीं चाहिए जो फर्जी लाइसेंस बनाकर जनता के घरों में डकैती व अवैध कब्जा करने का दुस्साहस करें।
सीएम ने कहा कि अब गाजीपुर के स्प्रिचुअल टूरिज्म से जुड़े स्थानों का विकास हो रहा है। लहुरी काशी के रूप में विख्यात गाजीपुर का अलग महत्व है। जो जनपद पौहारी बाबा का आश्रम, भगवान परशुराम, महर्षि जमदग्नि का महत्पूर्ण केंद्र रहा है, वहां माफिया का पनपना शोभा नहीं देता। ये माफिया किसी के नहीं होते। ये समाज का खून चूसते हैं। गरीबों का शोषण, व्यापारियों को भयभीत और बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाते हैं।
सीएम ने कहा कि पूर्व विधायक कृष्णानंद राय ने माफिया के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, लेकिन सत्ता के संरक्षण में पल रहे माफिया ने निर्ममता व बर्बरता के साथ कृष्णानंद राय के साथ ही सात युवाओं की हत्या कर दी थी। सारे सबूत होने के बावजूद माफिया को सत्ता का संरक्षण मिलता रहा, परंतु अब माफिया को संरक्षण नहीं मिल सकता, ऐसा करने वालों की दुर्गति तय है।
सीएम ने कहा कि गाजीपुर को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि डबल इंजन सरकार के साथ चलिए। पहचान का संकट, नौकरी में डकैती, किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर करने, गरीबों का राशन खाने वाले, किसान व युवा विरोधियों को मौका न दीजिए। महिला विरोध इनका जन्मजात अधिकार है। देख सपाई-बिटिया घबराई, यानी जिसे देखकर ही बेटी घबरा जाती थी। ऐसे सपाइयों से गाजीपुर को भी बचकर रहने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने वीर अब्दुल हमीद समेत रणबांकुरों व साहित्यकारों का नाम लेकर गाजीपुर की धरा को प्रणाम किया। कहा कि एशिया के सबसे बड़े गांव गहमर में 12000 से अधिक सैनिक/सेनाधिकारी तथा 15000 से अधिक अवकाश प्राप्त सैनिक/सेनाधिकारी रहते हैं।
गाजीपुर के रणबांकुरे देश की आजादी की लड़ाई में, कबीलाई हमले में, 1962, 1965, 1971 व 1999 के कारगिल युद्ध तथा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पीछे नहीं हटे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आजाद हिंद फौज से भी यहां के दर्जनों युवा जुड़े।
सीएम ने कहा कि राष्ट्र नायकों के बजाय विदेशी आक्रांताओं को महिमा मंडित किया, जबकि एनडीए सरकार राष्ट्रनायकों को सम्मान देती है। 1000 वर्ष पहले राष्ट्रनायक महाराजा सुहेलदेव ने सालार मसूद को बहराइच के चित्तौरा में रौंद दिया था। उसे इस्लाम के अनुरूप सबसे कड़ी सजा दी। इसके बावजूद सपा व कांग्रेस ने महाराज सुहेलदेव के नाम पर कोई आयोजन नहीं होने दिया, बल्कि ये लोग सालार मसूद गाजी का मेला लगवाते थे। हमारी सरकार ने कहा कि सालार मसूद की नहीं, बल्कि महाराज सुहेलदेव की स्मृति में मेला लगेगा। सरकार ने बहराइच में महाराज सुहेलदेव का भव्य स्मारक व प्रतिमा लगवाई और मेडिकल कॉलेज बनवाया। आजमगढ़ में विश्वविद्यालय का निर्माण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी व गाजीपुर के तत्कालीन सांसद मनोज कुमार सिन्हा ने गाजीपुर से आनंद विहार के बीच सुहेलदेव सुपरफास्ट ट्रेन का संचालन कराया और उनकी स्मृति में डाक टिकट जारी किया।
सीएम ने कहा कि राष्ट्रनायकों को सम्मान देने वाला देश/समाज आगे बढ़ता है। आक्रांताओं का सम्मान करने वालों का कोई भविष्य नहीं होता। कांग्रेस व सपा ने पाप किया। सपा ने महापुरुषों को अपमानित किया। बाबा साहेब के नाम पर बने कन्नौज मेडिकल कॉलेज, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर बने कॉलेज, संत रविदास के नाम पर बने जनपद का नाम बदलने का पाप किया।
सीएम ने कहा कि अब यहां मेडिकल कॉलेज है। चारों ओर की कनेक्टिविटी फोरलेन की हो गई। गाजीपुर से तीन से साढ़े तीन घंटे में लखनऊ जा सकते हैं जबकि पहले 8-10 घंटे लगते थे। गाजीपुर से लखनऊ, काशी, गोरखपुर की यात्रा सरल हुई। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर-वाराणसी हाईवे भी है। सरकार पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को यहां से चंदौली, वाराणसी से जोड़ते हुए शक्तिनगर तक ले जाएगी।
सीएम ने 10 साल पहले यूपी की हालत बताई और कहा कि अब सामने वाला यूपीवालों से गले मिलने को उतावला रहता है। अपने कार्यकर्ताओं को विकास कार्यों की लूट की छूट देने वाले हमें उपदेश न दें। यदि हम सपा के पापों से पर्दा उठाने लगे तो ये मुंह नहीं दिखा पाएंगे। इनके समय में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जब एक इंच काम नहीं हुआ, तब भी इन लोगों ने 3000 करोड़ का वारा-न्यारा कर दिया। हमने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बनवाया। पहले युवाओं की नौकरी पर चाचा-भतीजे की जोड़ी पहले से ही सेंधमारी करने निकल जाती थी। तब निवेश नहीं होता था, बल्कि त्योहार प्रारंभ होते ही उपद्रव, दंगे, कर्फ्यू शुरू हो जाते थे, लेकिन अब यूपी में उपद्रव नहीं, उत्सव है। उत्सव को उपद्रव में बदलने और युवाओं की नौकरी में सेंध लगाने वालों के लिए जेल या जहन्नुम ही एकमात्र जगह है।