धर्म-संस्कृति

आज का श्लोक : हिमालयं समारभ्य यावद् हिन्दसरोवरम्।

सुभाषितम् में पढ़ें आज का श्लोक

Published by
Panchjanya

यह श्लोक भारत के प्राचीनतम भौगोलिक और सांस्कृतिक स्वरूप को परिभाषित करता है।

आज का श्लोक-

हिमालयं समारभ्य यावद् हिन्दसरोवरम्।
तं देवनिर्मितं देशं ‘हिन्दुस्थानं’ प्रचक्षते॥

भावार्थ-

हिमालय से लेकर हिन्द महासागर तक विस्तृत एवं देवताओं द्वारा निर्मित इस देश को ‘हिन्दुस्थान’ कहते हैं।

आज का लिए प्रासंगिक-

आज के आधुनिक भारत को अपनी जड़ों (Roots) से जुड़ने, अपनी अखंडता पर गर्व करने, पर्यावरण की रक्षा करने और संकीर्ण मतभेदों से ऊपर उठकर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में खड़े होने की प्रेरणा देता है।

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