
प्रतीकात्मक तस्वीर
सुप्रीम कोर्ट आज अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ाए गए दान के कथित दुरुपयोग और चोरी की जांच से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करने वाला है। याचिकाकर्ता स्वतंत्र जांच चाहते हैं, जिसकी निगरानी खुद अदालत करे।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। पीठ में जस्टिस जायमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन भी शामिल हैं। ये याचिकाएं राम जन्मभूमि मंदिर में दान की रकम के गलत इस्तेमाल की शिकायतों पर आधारित हैं। अयोध्या पुलिस ने इस मामले के तीन मुख्य आरोपियों में से एक अनुकल्प मिश्रा की हिरासत में पूछताछ भी शुरू कर दी है।
एसआईटी की शुरुआती जांच में राम मंदिर के गिनती कक्ष में सुरक्षा की बड़ी कमियां निकलकर आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, स्टाफ के सदस्य अपने कपड़ों, जेबों, जूतों और दूसरे सामान में नकदी के बंडल छिपाकर ले जाते दिखे। 27 अप्रैल से 5 जून के बीच के सीसीटीवी फुटेज में करीब 70 ऐसी संदिग्ध घटनाएं कैद हुई हैं, जहां स्टाफ को नकदी छिपाते देखा गया। जांच टीम ने सुरक्षा प्रोटोकॉल में साफ कमियां बताई हैं।
गिनती वाले कमरे में स्टाफ के आने-जाने पर कोई सख्त चेकिंग नहीं होती थी। न ही उनके साथ लाए-ले जाए जाने वाले सामान की ठीक से निगरानी की जाती थी। इन कमियों की वजह से चढ़ावे की नकदी के दुरुपयोग की आशंका बनी रही। मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए दान की गिनती और उसकी सुरक्षा से जुड़े ये मामले अब सुप्रीम कोर्ट के सामने हैं। याचिकाओं में इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की गई है।