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पाकिस्तान पर नकेल कसने की तैयारी में भारत, FATF की ग्रे लिस्ट में शामिल करवाएगा

भारत अक्टूबर FATF बैठक में पाकिस्तान को फिर ग्रे लिस्ट में डालने की तैयारी कर रहा है। पहलगाम हमले समेत आतंकी संगठनों को समर्थन के वीडियो और सबूत पेश करेगा। FATF ग्रे लिस्ट का मतलब और पाकिस्तान पर क्या असर पड़ेगा, जानिए।

Published by
कुलदीप सिंह

पहलगाम आतंकी हमले समेत कई आतंकी हमलों में पाकिस्तान शामिल रहा है। भारत लगातार ये बात कहता आय़ा है। इसी क्रम में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर भारत पाकिस्तान को घेरने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत भारत अक्टूबर में होने वाली FATF की बैठक में पाकिस्तान को फिर से ‘ग्रे लिस्ट’ में डालने की कोशिश करने वाला है। इसके लिए भारत वीडियो और दूसरे सबूत पेश करेगा, जिनमें पाकिस्तान द्वारा आतंकी संगठनों को लगातार समर्थन देने की बात सामने आएगी।

FATF क्या है और ग्रे लिस्ट का मतलब

फाइनैशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF), पेरिस में स्थित एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद की फंडिंग और हथियारों की फैलाव वाली फंडिंग को रोकने का काम करता है। ग्रे लिस्ट में डाले जाने पर किसी देश पर FATF की नजर बढ़ जाती है। उसे बार-बार अपनी प्रगति बतानी पड़ती है। ऐसे देशों को अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग और फाइनेंशियल संस्थाओं से फंड मिलने में दिक्कत होती है।

पाकिस्तान को अक्टूबर 2022 में ग्रे लिस्ट से बाहर निकाला गया था। तब उसने FATF के 34 पॉइंट एक्शन प्लान को पूरा करने का दावा किया था। इसमें कानून बदलना, संदिग्ध लेन-देन पर नजर रखना, राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लोगों की जांच जैसी चीजें शामिल थीं।

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भारत के पास क्या सबूत हैं

भारत के पास कुछ वीडियो और दूसरे प्रमाण हैं जो दिखाते हैं कि पाकिस्तान अभी भी आतंकी संगठनों को मदद दे रहा है। खासतौर पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए थे। उनमें पाकिस्तान आर्मी और इंटेलिजेंस के सीनियर अधिकारी आतंकियों के अंतिम संस्कार में शामिल दिख रहे थे। भारत इन सबूतों को FATF की अगली प्लेनरी मीटिंग में पेश करने की तैयारी कर रहा है। इसका मकसद पाकिस्तान को फिर से बढ़ी हुई निगरानी यानी ग्रे लिस्ट में लाना है।

FATF में भारत की स्थिति मजबूत

इस कोशिश में भारत की स्थिति थोड़ी मजबूत भी दिख रही है। कल्चर मिनिस्ट्री के सचिव विवेक अग्रवाल को हाल ही में FATF का वाइस-प्रेसिडेंट बनाया गया है। न्यू दिल्ली इस पद का फायदा उठाकर पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान में गैर-सरकारी आतंकी तत्वों का लगातार बढ़ना और उनके फाइनेंशियल सिस्टम का इस्तेमाल आतंक की फंडिंग के लिए होना भारत के मुख्य मुद्दे हैं।

पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय कोशिशें

पाकिस्तान ने हाल के समय में अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के साथ अच्छे संबंध बनाने की कोशिश की है। खुद को शांति बनाने वाला देश बताने की कोशिश भी की है। ऐसे में भारत की इस कोशिश का क्या नतीजा निकलता है, यह देखने वाली बात होगी। FATF की अक्टूबर बैठक में भारत इन तथ्यों को रखकर पाकिस्तान पर दबाव बनाने की तैयारी में है। पूरी दुनिया के फाइनेंशियल सिस्टम में पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का यह एक मौका होगा।

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