
अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को ईरान पर नए हमले किए। यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सीजफायर का मूर्खतापूर्ण उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक व्यवसायिक जहाज पर ड्रोन अटैक किया था।
ईरान ने चार वन-वे अटैक ड्रोन व्यवसायिक जहाजों की तरफ दागे। इनमें से एक ड्रोन सिंगापुर फ्लैग वाले कार्गो शिप M/V Ever Lovely पर लगा। जहाज के ऊपरी डेक को नुकसान पहुंचा, लेकिन कोई जान-माल की हानि नहीं हुई। जहाज ओमान के तट के साथ आगे बढ़ता रहा। बाकी तीन ड्रोन अमेरिकी बलों ने गिरा दिए।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि अमेरिकी एयरक्राफ्ट ने ईरानी मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज फैसिलिटीज तथा कोस्टल राडार साइट्स को निशाना बनाया। CENTCOM के बयान में कहा गया कि यह जवाब कल हुए जहाज हमले के लिए था। ईरान ने व्यवसायिक जहाजों पर हमला करके सीजफायर का उल्लंघन किया। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग में स्वतंत्र नेविगेशन को खतरा हुआ।
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ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ईरान ने कल चार ड्रोन दागे। तीन को हमने गिरा दिया, एक ने महंगे जहाज को थोड़ा नुकसान पहुंचाया। उन्होंने इसे सीजफायर एग्रीमेंट का उल्लंघन बताया। ट्रुथ सोशल पर भी ट्रंप ने लिखा कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे जहाजों पर ड्रोन अटैक किया। एक ड्रोन ने बड़े कार्गो शिप के ऊपरी डेक को मारा, बाकी तीन गिराए गए। उन्होंने इसे “मूर्खतापूर्ण” कहा।
इस हमले से पहले इस महीने अमेरिका और ईरान के बीच 14-पॉइंट MoU (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) साइन हुआ था। इसका मकसद दोनों तरफ से दुश्मनी खत्म करना था। ईरान ने 60 दिन की नेगोशिएशन पीरियड में कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित गुजरने की “पूरी कोशिश” देने का वादा किया था। दोनों देशों के बीच सीधा कम्युनिकेशन चैनल भी बनाया गया ताकि गलतफहमी से बच सकें।
लेकिन ईरानी अधिकारी अभी भी कह रहे हैं कि होर्मुज की फ्यूचर मैनेजमेंट उनके कंट्रोल में रहेगी। IRGC ने कहा है कि वहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरान द्वारा मान्यता प्राप्त रूट्स ही फॉलो करने होंगे।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण एनर्जी कॉरिडोर में से एक है। यहां से दुनिया के करीब एक-पांचवां तेल और एलएनजी गुजरता है। इस इलाके में कोई भी अस्थिरता पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकती है।