
श्री हेमकुंड साहिब: चमोली जनपद के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित भ्यूंडार घाटी में 15,225 फीट की ऊंचाई पर स्थित लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट मई माह में विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुल गए हैं तब से अब तक हजारों श्रद्धालु यहां लक्ष्मण जी के दर्शन और पूजा अर्चना कर चुके हैं।
श्री हेमकुंड साहिब के ठीक बराबर में बना ये मंदिर हिंदू सिख तीर्थ यात्रियों के लिए श्रद्धा का केंद्र रहा है। भ्यूंडार घाटी में दंडी पुष्कर्णी सरोवर के समीप स्थित यह पवित्र मंदिर सनातन आस्था के साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्म और हिमालयी संस्कृति का अद्भुत संगम है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्री राम के अनुज लक्ष्मण जी ने यहां त्रेतायुग में तपस्या की थी। जिसके चलते यह एकमात्र मंदिर है, जहां लक्ष्मण जी की पूजा अर्चना भगवान श्री राम और सीता माता के बिना की जाती है। कपाट खुलने के मौके पर यहां मंदिर समिति के सदस्य, स्थानीय ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहते हैं। यहां आने वाले सिख तीर्थ यात्री यहां शीश झुकाने अवश्य आते हैं।
श्री हेमकुंड गुरुद्वारा कमेटी भी इस मंदिर की देखरेख कर रहे तीर्थ पुजारियों का सहयोग करती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सीता तीर्थ सर्किट में ये मंदिर भी तीर्थ विकास योजना में सम्मलित रहा है। राज्य सरकार का पर्यटन और तीर्थाटन मंत्रालय भी देश में एक मात्र लोकपाल लक्ष्मण मंदिर में श्रद्धालुओं को आने के लिए प्रेरित करता रहा है।