पंजाब भाजपा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा मांगा है। भाजपा ने कहा कि अकाल तख्त द्वारा मान को गुरु-दोखी घोषित करने से राज्य में प्रशासनिक संकट पैदा हो सकता है।
पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने श्री अकाल तख्त साहिब से जारी आदेश का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पांच सिंह साहिबान ने गुरु साहिबानों की तस्वीर पर कथित रूप से शराब के छींटे पड़ने से जुड़े विवादित वीडियो मामले में मुख्यमंत्री मान को गुरु-दोखी और खालसा पंथ विरोधी करार दिया है तथा सिख समुदाय को उनसे किसी भी प्रकार का संबंध न रखने का निर्देश दिया है।
केवल सिंह ढिल्लों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम की सर्वोच्च संस्था है और वहां से जारी हर आदेश गुरु नानक नाम लेवा संगत के लिए सम्माननीय और स्वीकार्य होता है। ऐसे में अकाल तख्त के इस फैसले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
सीएम के आदेशों का पालन नहीं करेंगे सिख अधिकारी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि यदि अकाल तख्त साहिब के आदेश का पालन किया जाता है तो पंजाब सरकार में विभिन्न पदों पर कार्यरत सिख मंत्री और अधिकारी मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ न तो बैठक कर सकेंगे और न ही उनके निर्देशों का पालन कर पाएंगे। उनके अनुसार, इससे सीमावर्ती राज्य पंजाब के प्रशासनिक कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है और शासन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका पैदा हो सकती है।
















