गाजियाबाद के डासना इलाके में सरकारी जमीन पर बिना अनुमति बने एक मदरसे को जिला प्रशासन ने बुल्डोजर से हटा दिया। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के बाद हुई। सरकारी जमीन पर कब्जा करने के मामले में अदालत ने आरोपियों पर 1.23 करोड़ रुपए का जुर्माना भी ठोंका है। हालांकि, अभी तक जुर्माने की रकम कोर्ट में जमा नहीं की गई है।
क्या हुआ कार्रवाई में?
बुधवार को डासना के कल्लूगढ़ी इलाके में स्थित मदरसा जामिया अरबिया इशातुल इस्लाम पर बुलडोजर चला। यह मदरसा ग्राम समाज की सरकारी जमीन पर बनाया गया था। प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से यह काम पूरा किया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था, ताकि कोई गड़बड़ न हो। जिला अधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने का काम चल रहा है। इसी क्रम में यह कार्रवाई हुई।
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जमीन का ब्यौरा और कोर्ट का फैसला
तहसीलदार सदर रितेश सिंह के मुताबिक, कल्लूगढ़ी में खसरा नंबर 1548ख में करीब पांच हेक्टेयर जमीन सरकारी रिकॉर्ड में ऊसर के नाम दर्ज है। इसमें से करीब एक हेक्टेयर जमीन पर मदरसा और पार्क बनाकर कब्जा कर लिया गया था। वर्तमान में इस जमीन की कीमत लगभग 25 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
लेखपाल की रिपोर्ट और कोर्ट प्रक्रिया
स्थानीय लेखपाल संजीव ने 24 जनवरी 2023 को तहसीलदार न्यायिक कोर्ट में रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में कहा गया कि 2021 से यहां अतिक्रमण शुरू हो गया था। कोर्ट ने मदरसे के पक्ष को अपना बचाव पेश करने के लिए नोटिस भेजा, लेकिन कोई जवाब या पैरवी नहीं हुई। 30 अप्रैल 2025 को कोर्ट ने बेदखली का आदेश दे दिया। साथ ही अतिक्रमण के लिए 1.23 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह रकम अब तक जमा नहीं की गई है।
मुख्य व्यक्ति और आगे की कार्रवाई
मदरसा बनाने में दिल्ली के फारूक नाम के व्यक्ति की मुख्य भूमिका बताई जा रही है। उसके खिलाफ मसूरी थाने में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। जुर्माने की रकम वसूल करने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। जिलाधिकारी ने यह भी जांच शुरू कर दी है कि सरकारी जमीन पर इतना बड़ा निर्माण कैसे हो गया। उस समय अधिकारियों ने निर्माण क्यों नहीं रोका? जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
सभी अतिक्रमणों को चिह्नित करने का आदेश
जिला प्रशासन ने तीनों तहसीलों को निर्देश दे दिए हैं कि सरकारी जमीन पर हुए सभी अतिक्रमण चिह्नित किए जाएं। न्यायिक प्रक्रिया पूरी करके उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

















