खाड़ी युद्ध ने एक बार फिर से भयानक रूप ले लिया है। इसी क्रम में आज कुवैत में ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। देश में कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। बाद में कुवैत की सेना ने बताया कि उनकी एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन मिसाइलों और ड्रोन को रोक लिया।
कुवैत की सेना का बयान
कुवैत आर्मी के जनरल स्टाफ ने आधिकारिक बयान में कहा कि उनके एयर डिफेंस यूनिट्स दुश्मन हवाई लक्ष्यों से निपट रहे थे। बयान में साफ लिखा था, “कुवैत की एयर डिफेंस फिलहाल दुश्मन मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रही है। अगर आपको धमाकों की आवाज सुनाई दे रही है तो वो हमारे इंटरसेप्शन सिस्टम की वजह से है।”
सेना ने लोगों को चेतावनी भी दी कि इंटरसेप्शन के बाद गिरे किसी भी मलबे श्रापनेल या अज्ञात चीज के पास न जाएं। ये चीजें खतरनाक हो सकती हैं। डिफेंस मिनिस्ट्री के प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने कहा कि अगर कोई संदिग्ध वस्तु दिखे तो तुरंत 112 इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि सिर्फ सरकारी चैनलों की जानकारी पर भरोसा करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
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ईरान का दावा
ईरान की सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने दावा किया कि अमेरिका के ठिकानों को कुवैत में निशाना बनाया गया। ईरान के मुताबिक यह जवाबी कार्रवाई थी। उन्होंने अमेरिका पर फारस की खाड़ी, हरमुज स्ट्रेट और क़ेश्म द्वीप पर “दुश्मनाना कार्रवाइयों” का आरोप लगाया। IRIB ने कहा, “अमेरिका की इन कार्रवाइयों के बाद कुवैत में मौजूद अमेरिकी बेस पर हमला किया गया।” हालांकि इस दावे की किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हो पाई है।
सैन्य टकराव
यह घटना उस वक्त हुई जब अमेरिका और ईरान के बीच इलाके में तनाव पहले से बढ़ा हुआ था। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव की घटनाएं देखी गई थीं। कुवैत ने इस पूरे मामले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की अपील की है।

















