पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ किस प्रकार का व्यवहार किया जाता है ये किसी से छुपा नहीं है। मुख्यतया हिन्दू लड़कियां और महिलाएं कट्टरपंथियों के निशाने पर होती हैं। उनके साथ अपहरण, रेप और हत्याएं आम हो गई हैं। ऐसे में इन पीड़ितों की मदद करती है पाकिस्तान दारावर इतिहाद नाम की संस्था। लेकिन, बिना किसी मदद के ये संस्था भी अब अपने अस्तित्व की जंग लड़ रही है।
इस संस्था के संस्थापक शिवा काक्षी ने सोशल मीडिया एक्स पर अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा है कि फंड की कमी की वजह से उनका काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। शिवा काक्षी शिवा काछी कहते हैं कि पाकिस्तान, सिन्ध और विदेशों में रहने वाले कई अमीर हिंदू अपने समुदाय की इन कोशिशों को आर्थिक मदद नहीं देते।
जबकि संस्था को ऑफिस खर्च, यात्रा, कानूनी मदद, मेडिकल सहायता और परिवारों की मदद के लिए पैसे की जरूरत पड़ती है। उन्होंने बताया कि कई बार उन्होंने अपनी जेब से पैसे लगाए, अपनी सुविधाएं छोड़ीं और बिना रुके काम किया। लेकिन अब भारी कर्ज के बोझ तले संस्था का काम बहुत प्रभावित हो रहा है।
संस्था क्या करती है?
यह संस्था सिन्ध प्रांत समेत पाकिस्तान में दबे-कुचले, गरीब और असहाय हिंदू लोगों की मदद करती है। खासकर हिंदू लड़कियों और महिलाओं होने वाले अत्याचार, अनाथ बच्चों की मदद और पुलिस स्टेशन, कोर्ट, अस्पताल और प्रभावित इलाकों में जाकर पीड़ित परिवारों के आवाज उठाने का काम करती है। वे दिन-रात काम करते हैं ताकि किसी की आवाज दब न जाए, कोई लड़की अन्याय की शिकार न बने और किसी परिवार की मदद न रुके।
दूसरे समुदायों से तुलना
शिवा ने मुस्लिम और ईसाई समुदायों का जिक्र करते हुए कहा कि इन समुदायों के अमीर लोग, व्यापारी और विदेश में रहने वाले लोग अपनी संस्थाओं, स्कूलों, अस्पतालों और मानवाधिकार संगठनों को पूरा सहयोग देते हैं। इसी वजह से वे मजबूत आवाज बन पाते हैं।
With deep sorrow and concern, we are compelled to say that due to the lack of financial support, our organizational struggle is now reaching its final stages. The greatest tragedy of our Hindu community is that those who genuinely stand for oppressed, poor, helpless, and… pic.twitter.com/oXvcgKstZV
— Shiva Kachhi (دراوڙ)🇵🇰 (@FaqirShiva) May 29, 2026
हिन्दुओं के लिए नहीं है कोई फंड
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के हिन्दू विधायक बसरो ने पंजाब विधानसभा में हिन्दुओं की आवाज उठाते हुए खुलासा किया की हिन्दुओं के लिए कोई भी ठोस कल्याणकारी योजना शुरू नहीं की गई। वे कहते हैं कि सरकार ने पहले जो भी सीमित फंड रखा गया था, उसे भी बंद कर दिया गया।











