उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने ममता और खून के रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज 14 साल की आफरीन, जिसे अपनी मां और भाई से सुरक्षा मिलनी चाहिए थी, उसी मां और भाई ने झूठी शान के नाम पर उसकी जान ले ली। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद इसे आत्महत्या का रूप देने की भी पूरी कोशिश की गई, लेकिन कानून के हाथों से अपराधी बच नहीं सके।
यह दुखद घटना 26 अप्रैल 2026 की है। आफरीन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। शुरुआत में परिवार ने इस पूरी घटना को आत्महत्या करार दिया। उन्होंने दावा किया कि पड़ोस के एक परिवार से विवाद के बाद उनकी बेटी ने तनाव में आकर फांसी लगा ली। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने जांच की परतें खोलीं, ममता का नकाब उतरता गया और एक क्रूर साजिश सामने आई।
वारदात के पीछे की मुख्य वजह था प्रेम प्रसंग
आफरीन अपने पड़ोस में रहने वाले जैद नाम के युवक से प्यार करती थी और उसके साथ अपनी जिंदगी बिताना चाहती थी। 26 अप्रैल की सुबह वह जैद के साथ चली गई थी, लेकिन परिजनों ने उसे ढूंढ निकाला और वापस घर ले आए। बेटी के इस कदम से मां नाजो और आफरीन का नाबालिग भाई बेहद नाराज थे। उन्हें लगा कि आफरीन के इस व्यवहार से समाज में उनकी नाक कट जाएगी और उनकी झूठी प्रतिष्ठा धूमिल हो जाएगी। जब आफरीन के पिता मुनाजिर काम पर चले गए, तब घर में अकेली पाकर मां और भाई ने आफरीन का गला दबा दिया। मासूम आफरीन अपने ही सगे रिश्तों के सामने बेबस हो गई और दम तोड़ दिया।
हत्या को सुसाइड दिखाने की खौफनाक साजिश
अपराध करने के बाद मां और भाई ने इसे फिल्मी स्टाइल में छिपाने की कोशिश की। उन्होंने आफरीन के गले में दुपट्टे का फंदा डालकर उसे लटका दिया, ताकि देखने वालों को यह लगे कि उसने आत्महत्या की है। आफरीन के पिता मुनाजिर ने पुलिस को गुमराह करने के लिए पड़ोस के युवक जैद पर ही हत्या का आरोप मढ़ दिया। उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराई कि जैद उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया था और बाद में घर में घुसकर उसकी हत्या कर दी। यह एक सोची-समझी चाल थी ताकि शक की सुई परिवार से हटकर पड़ोसी पर चली जाए।
एसपी लखन सिंह यादव का खुलासा
अमरोहा के एसपी लखन सिंह यादव ने बताया कि शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले का रुख मोड़ दिया। रिपोर्ट में साफ हुआ कि आफरीन की मौत फांसी लगाने से नहीं, बल्कि गला दबाने के कारण हुई थी। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की और साक्ष्यों को जोड़ा, तो मां नाजो और नाबालिग भाई ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया।
पुलिस ने बुधवार को इस पूरे मामले का आधिकारिक रूप से पर्दाफाश कर दिया। हत्या की मुख्य आरोपी मां नाजो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं, आफरीन का भाई चूंकि नाबालिग है, इसलिए उसे कानूनी प्रावधानों के तहत बाल सुधार गृह भेजा गया है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराध चाहे कितना भी शातिर तरीके से क्यों न किया जाए फॉरेंसिक यानी वैज्ञानिक जांच के सामने झूठ टिक नहीं पाता।

















