सहारनपुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर बताते हुए कहा कि अब सहारनपुर से दिल्ली व देहरादून की दूरी काफी कम समय में पूरी की जा सकेगी। सीएम ने कॉरिडोर के लोकार्पण को प्रदेश के विकास का ऐतिहासिक क्षण बताते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि सहारनपुर के वुडवर्क, मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स और क्षेत्रीय किसानों के उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी से होते हुए वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। यह परियोजना क्षेत्र में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करते हुए ‘डबल इंजन’ सरकार की विकास दृष्टि को साकार करती है।
लोकार्पण को बताया विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के कर-कमलों से दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून कॉरिडोर का लोकार्पण होना प्रदेश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस परियोजना से लाभान्वित होने वाले सभी जनपदवासियों को बधाई देते हुए पीएम मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया तथा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व एनएचएआई के अधिकारियों को भी धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के बन जाने से सहारनपुर से दिल्ली व देहरादून तक का सफर तेजी से पूरा किया जा सकेगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
स्थानीय उद्योग और कृषि को मिलेगा नया प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉरिडोर के माध्यम से सहारनपुर के वुडवर्क समेत शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ व बागपत में बनने वाले विभिन्न उत्पादों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। जैसे मेरठ स्पोर्ट्स गुड्स निर्माण का केंद्र है, यह क्षेत्र मेहनती अन्नदाता किसानों का है। सरकार इस क्षेत्र में गन्ना, फल-सब्जी व विभिन्न खाद्यान्न उत्पादन को आगे बढ़ा रही है। अब इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में इन सभी उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी के जरिए वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने का एक उत्कृष्ट माध्यम प्राप्त हो रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में नया भारत विकास, सुशासन और सेवा का जो मॉडल स्थापित कर रहा है, उसे हम इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से भी देख सकते हैं।
उत्तर प्रदेश बना निवेश और रोजगार का नया केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा, सुशासन, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और निवेश का नया केंद्र बनकर उभरा है। ‘डबल इंजन’ सरकार की ताकत क्या होती है, यह आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। चाहे उत्तराखंड हो, उत्तर प्रदेश हो या दिल्ली, अब बड़े से बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में कोई दुविधा नहीं है। आज सहारनपुर में मां शाकुंभरी के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित हो चुका है। सरसावा में सिविल टर्मिनल समेत एयरपोर्ट का निर्माण हो रहा है। अब सहारनपुर का कोई नौजवान यदि फिल्मों में अपना करियर बनाना चाहता है तो जेवर में फिल्म सिटी का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह क्षेत्र भी अपनी प्रतिभा को समाज के सामने प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम है।
विकास और विरासत के संतुलन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विकास होता है, तो उसका प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। मैं देख रहा था कि मां शाकुंभरी कॉरिडोर कितना भव्य बन रहा है। नवरात्रि से ठीक पहले मैं उसका निरीक्षण करने के लिए आया था। यह तभी संभव होता है, जब ऐसी सरकार हो जो विरासत का संरक्षण भी करती हो और विकास कार्यों को बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके आगे बढ़ाती हो। जो लोग समाज को बांटने का काम करते हैं, जाति के नाम पर, परिवारवाद के नाम पर, जो वैमनस्यता फैलाते हैं, वे कभी विकास के बारे में नहीं सोच सकते। जिन लोगों ने समाज को विभाजित किया, जो अराजकता में विश्वास रखते हैं, जिन्होंने प्रदेश की पहचान पर संकट खड़ा किया, माफियाओं को प्रश्रय दिया और दंगों-कर्फ्यू को बढ़ावा दिया, उनसे यह उम्मीद करना कि वे विकास करेंगे, नौजवानों को रोजगार देंगे या किसानों के लिए काम करेंगे, अपने आप में एक दिवास्वप्न है।











