यूरोपीय देश हंगरी में रविवार को संसदीय चुनाव संपन्न हुआ। इस चुनाव में देश की विपक्षी टीसा पार्टी ने 16 साल की विक्टर ऑर्बन की सत्ता को उखाड़ फेंका। देश की 199 सदस्यों वाली संसद में एक तिहाई बहुमत के साथ टीसा पार्टी सत्ता पर काबिज हुई है।
क्या है पूरा मामला
टीसा पार्टी के नेता पीटर माग्यार की पार्टी ने भारी जीत दर्ज की। जब 98.74 प्रतिशत वोट गिने जा चुके थे, तब टीसा को 138 सीटें मिलीं, जो 199 सदस्यों वाली संसद में दो-तिहाई बहुमत से ज्यादा है। इससे नई सरकार संविधान और अहम कानूनों में बदलाव कर सकेगी। ऑर्बन की फिदेस पार्टी को सिर्फ 55 सीटें मिलीं, जबकि दक्षिणपंथी एक्सट्रीम पार्टी मी हजांक को 6 सीटें मिलीं। टीसा को करीब 53 प्रतिशत वोट मिले, जबकि फिदेस को 38 प्रतिशत के आसपास।
ऑर्बन ने मानी हार
चुनाव खत्म होने के तीन घंटे के अंदर ही विक्टर ऑर्बन ने हार मान ली। उन्होंने इसे “दर्दनाक लेकिन स्पष्ट” नतीजा बताया। बुडापेस्ट में अपने समर्थकों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने विजयी पार्टी को बधाई दी है। अब हम विपक्ष में रहते हुए भी हंगेरियन राष्ट्र और अपनी मातृभूमि की सेवा करेंगे।” ऑर्बन पिछले 16 साल से हंगरी पर शासन कर रहे थे और उनकी सरकार ने धीरे-धीरे चुनावी नियम, मीडिया और न्यायपालिका पर अपना नियंत्रण बढ़ाया था।
कौन हैं पीटर माग्यार
पीटर माग्यार 45 साल के हैं। उन्होंने टीसा पार्टी बनाई और इस चुनाव में पूरे देश में घूम-घूमकर प्रचार किया। कभी-कभी एक दिन में छह रैलियां भी कीं। उन्होंने वादा किया कि हंगरी का यूरोपीय संघ के साथ तनावपूर्ण रिश्ता सुधारेंगे, भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएंगे और लंबे समय से उपेक्षित सार्वजनिक सेवाओं पर ध्यान देंगे। माग्यार ने अपने समर्थकों से कहा, “हमने कर दिखाया! आज सच्चाई झूठ पर भारी पड़ी।”
वोटिंग का रिकॉर्ड स्तर
इस चुनाव में मतदान का प्रतिशत रिकॉर्ड स्तर पर रहा, जो कि करीब 80 प्रतिशत रहा। खासतौर पर युवा मतदाताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। एक सर्वे में पता चला कि 30 साल से कम उम्र के 65 प्रतिशत युवा ऑर्बन के खिलाफ वोट करने वाले थे। कई युवा ऐसे समय में बड़े हुए जब हंगरी की प्रेस फ्रीडम घटी, देश को “चुनावी तानाशाही” कहा जाने लगा और यूरोपीय संघ में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार वाला देश माना जाने लगा।
क्या हुआ चुनाव के दौरान
चुनाव से पहले सरकार ने विपक्ष के खिलाफ अभियान चलाया। एआई से बने बिलबोर्ड्स पर माग्यार को खतरा और विदेशी ताकतों का गुलाम बताया गया। सड़कों पर बड़े-बड़े प्रदर्शन भी हुए, खासकर प्राइड इवेंट को लेकर। ऑर्बन की सरकार ने हाल के हफ्तों में यूरोपीय संघ के साथ संबंध और खराब किए।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
जीत के बाद लोग डेन्यूब नदी के किनारे और मेट्रो स्टेशनों पर जश्न मना रहे थे। वे “हमने कर दिखाया” और “अब खत्म हो गया” जैसे नारे लगा रहे थे। एक 24 साल की युवती नोरी ने कहा, “अब तानाशाही और दक्षिणपंथी विचारधारा खत्म होगी, हमें बेहतर देश बनाने का मौका मिलेगा।” दूसरी युवती अन्ना ने उम्मीद जताई कि अगले चार साल पिछले 16 सालों से बेहतर होंगे।
टीसा पार्टी के एक अभिनेता समर्थक एर्विन नागी ने कहा कि अगले चार सालों में हंगेरियन लोगों को सुरक्षा, शांति और आजादी मिलेगी, और कोई उनकी जिंदगी में अनावश्यक दखल नहीं देगा।











