खाड़ी युद्ध के बीच अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौता हुआ। लेकिन इसके बाद भी एक तरफ ईरान सऊदी अरब समेत कई खाड़ी देशों पर हमला कर दिया। तो वहीं इजरायल ने भी लेबनान पर बमबारी की, जिसमें 254 लोगों के मारे जाने की खबर है। इस बीच ईरानी संसद के स्पीकर घालिबाफ ने अमेरिका-इजरायल पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला
मामला कुछ यूं है कि युद्धविराम तय होने के ठीक एक दिन बाद, बुधवार 8 अप्रैल को इजरायल ने लेबनान में भारी हमले किए। बेरूत और पूरे लेबनान में 100 से ज्यादा जगहों पर बमबारी हुई। यह इस युद्ध की सबसे भारी बमबारी थी। इसमें कम से कम 254 लोग मारे गए। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि यह युद्धविराम लेबनान को शामिल नहीं करता। उनका कहना है, “हमारे अभी भी कुछ लक्ष्य बाकी हैं, उन्हें हम समझौते से या लड़ाई शुरू करके पूरा करेंगे।”
ईरान का पलटवार
इस बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इलाके में कई जगहों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। सऊदी अरब के यानबू बंदरगाह पर अमेरिकी कंपनियों के तेल सुविधाओं पर हमला किया गया। सऊदी तेल पाइपलाइन पर भी हमला हुआ। संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान से आए 17 बैलिस्टिक मिसाइल और 35 ड्रोन रोक लिए।
होर्मुज में हर जहाज से 20 लाख डॉलर की वसूली
ईरान ने हार्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों को रोकना शुरू कर दिया। वहाँ से गुजरने वाले हर जहाज से 20 लाख डॉलर का टोल माँगा जा रहा है। ईरान का कहना है कि इजराइल ने युद्धविराम तोड़ा है, इसलिए जहाजों को अनुमति के बिना नहीं जाने दिया जाएगा। बुधवार को सिर्फ पाँच जहाज गुजरे – चार ईरानी और एक यूनानी।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने कहा कि इजराइल और अमेरिका ने युद्धविराम के कई हिस्सों का उल्लंघन किया है। उन्होंने लेबनान पर बमबारी और यूरेनियम संवर्धन पर अमेरिकी शर्त को गलत बताया। ईरान दो अलग-अलग संस्करण जारी कर चुका है – फारसी में यूरेनियम संवर्धन की अनुमति है, अंग्रेजी में नहीं।
अमेरिका और इजरायल का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ईरान के 10 पॉइंट प्रस्ताव को आधार बताया, बाद में कहा कि 15 पॉइंट अमेरिकी प्रस्ताव पर काम हो रहा है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान को यूरेनियम संवर्धन की इजाजत नहीं मिलेगी और ईरान के पास बचे 440 किलो हाईली एनरिच्ड यूरेनियम (HEU) को निकालना होगा। साथ ही ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस दोनों ने कहा कि लेबनान इस युद्धविराम का हिस्सा नहीं है। वेंस ने इसे “वैध गलतफहमी” बताया।












