डायरेक्टर आदित्य धर की बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ सिनेमाघरों में रिलीज चुकी है। फिल्म को पहले पार्ट की तरह दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। पहले दिन (19 मार्च) ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने भारत में 100 करोड़ रुपये से अधिक का बिजनेस किया। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने फिल्म को प्रोपेगेंडा करार दिया है। उनका दावा है कि यह फिल्म एक खास एजेंडे के तहत बनाई गई है। कांग्रेस नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य हुसैन दलवाई ने शुक्रवार (20 मार्च) को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। इस बात की जांच होनी चाहिए कि ये कहां से पैसा लाते हैं, कौन हैं ये, इसकी हिस्ट्री क्या है? कहां से फंडिंग आ रही है?”
फिल्म एक एजेंडे के तहत बनाई गई है: कांग्रेस सांसद
इससे पहले कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने ‘धुरंधर: द रिवेंज’ को लेकर कहा था, “ये तो स्पष्ट है कि यह फिल्म एक एजेंडे के तहत बनाई गई है। जिस तरह की हिंसा इसमें दिखाई गई है, वह आज की युवा पीढ़ी के लिए सही नहीं है। मैं समझता हूं कि इस तरह की फिल्म को उनके सामने पेश नहीं किया जाए। एक समुदाय विशेष के ऊपर जिस तरह के आरोप लगाए गए हैं, वो भी ठीक नहीं है। इससे समाज के अंदर नफरत और घृणा बढ़ाने का काम हो रहा है।”
कांग्रेस नेताओं पर यूजर्स ने कसा तंज
सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेताओं का बयान वायरल होने के बाद यूजर्स ने उन पर तंज कसा है। तृप्ति गर्ग नाम की यूजर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखती हैं कि कांग्रेस नेता ‘धुरंधर 2’ को बैन करने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि फिल्म में उनके दाऊद साहब को खलनायक दिखाया गया है। एक अन्य यूजर ने कांग्रेस नेता के विवादित बयान पर कहा कि ‘धुरंधर: द रिवेंज’ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI, उस माफिया के बीच के गठजोड़ का पर्दाफाश करती है, जो भारत में आतंकी हमले कराता है और इन हमलों को अंजाम देने के लिए नकली भारतीय करेंसी का इस्तेमाल करता है। इसमें आपको क्या दिक्कत है? क्या आपको पाकिस्तान से ऑनलाइन डोनेशन मिलते हैं? अगर आपमें हिम्मत है, तो केस करके दिखाइए?
दलवाई ने अक्सर विवादित बयान दिए
स्मिता देशमुख नाम की यूजर ने कांग्रेस नेता पर करारा तंज कसते हुए उन्हें मुंबई सीरियल धमाकों की याद दिलाई। उन्होंने दावा किया, ”वर्ष 2015 में मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन की फांसी रुकवाने के लिए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भेजी गई दया याचिका पर हस्ताक्षर करने वालों में कांग्रेस के पूर्व सांसद हुसैन दलवाई का नाम भी सामने आया था। याकूब मेमन 1993 के मुंबई सीरियल धमाकों का फाइनेंसर था। इस हमले को दाऊद इब्राहिम ने अंजाम दिया था। इसके कारण दलवाई को भाजपा की कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। उन पर आतंकवादियों के प्रति सहानुभूति रखने का आरोप भी लगा।”
स्मिता देशमुख यही नहीं रुकी, उन्होंने आगे कहा कि दलवाई ने अक्सर ऐसे बयान दिए हैं जिनसे यह संकेत मिलता है कि मुंबई में मुस्लिम समुदाय को जांच एजेंसियों द्वारा गलत तरीके से निशाना बनाया गया है या हाशिए पर धकेल दिया गया है। ये तर्क उस इकोसिस्टम का बचाव करने के अलावा और कुछ नहीं हैं, जिसने 80 और 90 के दशक के दौरान शहर में दाऊद इब्राहिम की ‘डी-कंपनी’ को फलने-फूलने का मौका दिया था।












