Trump की ढीली पड़ी Russian Oil पर नकेल, नया फरमान जारी कर कहा-'जो चाहे खरीद ले रूसी तेल', मॉस्को होगा युद्ध से मालामाल!
October 17, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Copy
    • Subscribe & Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Copy
    • Subscribe & Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

Trump की ढीली पड़ी Russian Oil पर नकेल, नया फरमान जारी कर कहा-‘जो चाहे खरीद ले रूसी तेल’, मॉस्को होगा युद्ध से मालामाल!

यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के जवाब में रूसी तेल पर प्रतिबंध लगाए गए थे। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने मिलकर रूस पर दबाव बनाने की कोशिश की थी, ताकि वह सेना वापस बुला ले। लेकिन अब प्रतिबंध हटाने से पुतिन ट्रंप के ईरान युद्ध के सबसे बड़े लाभार्थी बन गए हैं

Written byAlok GoswamiAlok Goswami
Mar 13, 2026, 07:32 pm IST
inविश्व, विश्लेषण
ट्रंप और पुतिन (File Image)

ट्रंप और पुतिन (File Image)

अमेरिका, इस्राएल और ईरान के बीच जारी तनाव और मिसाइल हमलों की वजह से ईंधन की आपूर्ति में बाधा का असर दुनियाभर में देखने में आ रहा है। ईरान ही नहीं, खाड़ी के देशों से भी तेल आपूर्ति का मार्ग अवरुद्ध है। अनेक देशों में तेल संकट गहराने लगा है। रूस तेल का एक बड़ा निर्यातक देश है लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ​हेकड़ी भरे प्रतिबंधों के चलते वहां से अनेक देश तेल लेना बंद कर चुके थे। भारत एक अपवाद रहा जिसने अपने हित देखते हुए रूस से सस्ती दरों पर तेल लेना जारी रखना। पिछले दिनों संभवत: भारत के इस स्वाभिमानी कदम से तिलमिलाए ट्रंप ने एक ‘आदेश’ जारी करके भारत को रूस से एक महीने तक तेल लेते रहने की बेमांगी छूट दी थी। भारत सरकार ने तभी स्पष्ट कर दिया था कि उसने अमेरिका से ऐसी कोई इजाजत नहीं मांगी है। लेकिन कल देर रात अमेरिकी प्रशासन ने एक आम लाइसेंस जारी करके कहा है कि वह ‘रूस को लगभग 128 मिलियन बैरल तेल बेचने की अनुमति देता है।’

ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट

दिलचस्प बात यह पता चली है कि यह तेल पहले से ही टैंकरों में लादा जा चुका था, लेकिन अमेरिका द्वारा कुछ माह पहले लगाए प्रतिबंधों के चलते वहां से रवाना न हो पाया था। अमेरिका द्वारा कल जारी किया गया यह लाइसेंस सिर्फ 30 दिनों के लिए है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने 12 मार्च की रात एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “वैश्विक सप्लाई बढ़ाने के लिए ट्रेजरी अस्थायी अनुमति दे रहा है। इससे विभिन्न देश रूसी तेल खरीद सकेंगे, जो समुद्र में अटका है।” उन्होंने तेल कीमतों में अस्थायी बढ़ोतरी को कुछ दिन का अवरोध बताते हुए दीर्घ काल में अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फायदा देने वाला बताया।

बेसेंट की उस पोस्ट के बाद 12 मार्च को ब्रेंट क्रूड ऑयल के वायदा सौदे 2022 के बाद, पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बंद हुए हैं। बेशक यह कदम रूस को भारी आर्थिक लाभ देगा। विशेषज्ञों के अनुसार, दो हफ्ते पहले अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले के बाद से, रूस को रोजाना करीब 150 मिलियन डॉलर की कमाई हो रही है। यह तय है कि अमेरिकी डेमोक्रेट सीनेटर इस लाइसेंस की कड़ी आलोचना करेंगे। मार्च की शुरुआत में जब प्रशासन ने भारत को सीमित तेल बिक्री की ‘अनुमति’ दी थी, तब भी डेमोक्रेट्स ने तीखा विरोध किया था। अब जारी यह नया लाइसेंस इससे कहीं ज्यादा व्यापक है, जो रूस को दुनिया भर में तेल बेचने की छूट देता है।

ईरान की मिसाइल का शिकार हुई बहरीन की एक आयल रिफाइनरी

गत 6 मार्च को डेमोक्रेट्स ने ट्रंप पर उंगली उठाते हुए बयान जारी किया था कि, “यह खुद का पैदा किया वैश्विक ऊर्जा संकट पुतिन को अमीर बना रहा है। उनका युद्ध कोष भर रहा है।” उन्होंने राष्ट्रपति पर आरोप लगाया कि वे पुतिन के ‘शैडो फ्लीट’ (गुप्त बेड़े) और प्रतिबंधित तेल व्यापारियों को फ्री पास दे रहे हैं। इससे रूस दूसरे सबसे बड़े तेल आयातक देश को सप्लाई बढ़ा सकेगा। ये नए तरीके पुतिन को ‘यूक्रेन युद्ध जारी रखने की ताकत’ दे रहे हैं।

ट्रंप की चूक

यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के जवाब में रूसी तेल पर प्रतिबंध लगाए गए थे। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने मिलकर रूस पर दबाव बनाने की कोशिश की थी, ताकि वह सेना वापस बुला ले। नाटो देशों ने यूक्रेन को हथियार और आ​र्थिक मदद दी। लेकिन अब प्रतिबंध हटाने से पुतिन ट्रंप के ईरान युद्ध के सबसे बड़े लाभार्थी बन गए हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि इससे ईरान को भी फायदा होगा। ईरानी सरकार और लड़ाकों के पास ‘शैडो फ्लीट’ के सैकड़ों जहाज हैं, जिनमें रूसी तेल भरा है। यह बेड़ा प्रतिबंधों से बचने के लिए ही बना है। इसमें पुराने जहाज हैं, जो बिना बीमा के चलते हैं। वे रडार जैमर और छिपने की तरकीबें इस्तेमाल करते हैं।

विशेषज्ञ कहते हैं कि अब एक प्रकार से अमेरिका ने इन्हें 30 दिनों के लिए वैधता दे दी है। ऑब्सिडियन रिस्क एडवाइजर्स के ब्रेट एरिक्सन ने कहा, “यह साबित करता है कि रूस इस लड़ाई का सबसे बड़ा विजेता है। हम युद्ध के लिए तैयार नहीं थे। ईरान की होर्मुज स्ट्रेट रणनीति को हल्के में लिया गया।” होर्मुज ओमान की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया को सप्लाई हो रहे तेल का पांचवां हिस्सा इसी संकरे समुद्री गलियारे से गुजरता है। युद्ध के बाद से ईरान वहां हमले कर रहा है। शिपिंग कंपनियां टैंकर रोके बैठी हैं। अमेरिका इसे सुरक्षित करने में नाकाम रहा है।

ट्रंप ने ईरान युद्ध में जीत का ऐलान तो किया, लेकिन असल में तो होर्मुज स्ट्रेट तक नहीं खुल सका है। बताया जाता है कि, ईरान ने समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं और हमलों की धमकी दी है। ट्रंप प्रशासन ने यह माना भी है। यह गलियारा बंद होने से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। अमेरिका में पेट्रोल एक गैलन 4 डॉलर से ऊपर पहुंच सकता है। कुछ राज्यों में डीजल एक हफ्ते में 1 डॉलर महंगा हो गया है। जितना समय लगेगा, नुकसान उतना बढ़ता जाएगा। खाड़ी देशों की तेल कंपनियां उत्पादन की रफ्तार कम कर रही हैं, क्योंकि स्टोरेज भरे हैं।

Representational Image

गहरा रहा वैश्विक संकट

यह नया लाइसेंस अमेरिकी नीति में धुंधलका दिखाता है। प्रतिबंधों का मकसद रूस को कमजोर करना था। लेकिन ईरान युद्ध ने समीकरण बदल दिया है। रूस को रोजाना 150 मिलियन डॉलर मिल रहे हैं। होर्मुज का संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचा रहा है। अगर ऐसा लंबा चला तो अमेरिका में गैस कीमतें आम आदमी को परेशान करेंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन की ईरान रणनीति डगमगाती दिख रही है। होर्मुज न खुलने से खाड़ी देशों में उत्पादन थम जाएगा।

कुल मिलाकर अमेरिकी कांग्रेस में तीखी बहस देखने में आ सकती है। डेमोक्रेट्स राष्ट्रपति पर हमलावर रहेंगे। वे तर्क देंगे कि यह कदम पुतिन को युद्ध जारी रखने की ताकत दे रहा है। ट्रेजरी का लाइसेंस तो अस्थायी है, लेकिन इससे होने वाला नुकसान स्थायी हो सकता है। वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। तेल कंपनियां सतर्क हैं। भारत भी अपनी तरफ से सावधानी बरत रहा है।

 

Topics: Middle EastरूसRussian oilअमेरिकाamerica iran warputintrumpisraelmoscowIndiaपुतिनतेलgulfट्रंप
Alok Goswami
Alok Goswami
A Delhi based journalist with over 25 years of experience, have traveled length & breadth  of the country and been on foreign assignments too. Areas of interest include Foreign Relations, Defense, Socio-Economic issues, Diaspora, Indian Social scenarios, besides reading and watching documentaries on travel, history, geopolitics, wildlife etc. [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

अमेरिकी नौसेना मध्य पूर्व भेज रही तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर, ट्रंप का ईरान पर नए हमलों का संकेत

कैप्टन स्मित मच्छार: भारत का वो वीर जिसने असफल किया 9/11 जैसा हमला…

नीरजा भनोट से स्मित मच्छार तक, भारतीयों की शूरवीरता की कायल दुनिया

फ्लाईदुबई विमान मामला: ट्रंप ने भारतीय पायलट को बताया ‘हीरो’, आरोपी मुस्लिम को-पायलट के लिए कहा- आतंकी

विमान में दो पायलटों में चाकूबाजी, इजरायल को भेजने पड़े फाइटर जेट; क्या है पूरा मामला जानिये?

एस जयशंकर, विदेश मंत्री

विदेश मंत्री एस. जयशंकर बोले-हमारी चिंताओं का ख्याल नहीं रखा तो भारत-US रिश्तों पर पड़ेगा असर

Load More

ताज़ा समाचार

Uttarakhand Energy theft

देवभूमि में 1000 करोड़ की बिजली चोरी, 800 करोड़ मुस्लिम बहुल इलाकों में? क्या ये बिजली चोरी जिहाद है?

वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की तबियत बिगड़ी, दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अग्निवीरों के पहले बैच के दो जवानों को पीएसी में नौकरी दी

डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति

भारतीय एक्शन का असर, ट्रंप ने भारत रूसी तेल से टैरिफ हटाया

वीर सावरकर

बहुआयामी वीर सावरकर : राष्ट्रध्वज के स्वप्नद्रष्टा!

Delhi CJP Protest business

कॉकरोचों के रोज-रोज के प्रदर्शनों से त्रस्त दिल्ली के व्यवसायी, बोले-रोजी-रोटी प्रभावित हो रही

Neha Bora realeased from preventive detension Abhijeet Dipke

दिल्ली पुलिस ने AISA की वामपंथी नेहा बोरा को रिहा किया, CJP के अभिजीत दीपके आज कोर्ट में पेश होंगे

Marry Millben Soros Funding unrest india

कॉकरोचों की अराजकता का विरोध करने वाले भारतीयों की मैरी मिलबेन ने की तारीफ, PM मोदी के समर्थन में #RISEUP की अपील

आज का श्लोक : मनुष्य के जीवन की दशा और दिशा

प्रशिक्षण के दौरान संघ के स्वयंसेवक

जानिए संघ विजयादशमी के दिन क्यों मनाता है स्थापना दिवस?

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies