अमेरिका से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां एक पाकिस्तानी नागरिक आसिफ रजा मर्चेंट को अमेरिकी अदालत में दोषी ठहराया गया है। यह मामला ईरान से जुड़े एक कथित हत्या के प्लॉट से संबंधित है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या सरकारी अधिकारी को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। खास तौर पर इसमें डोनाल्ड ट्रंप का नाम भी आया है।
कौन है आसिफ मर्चेंट
आसिफ मर्चेंट (47) पाकिस्तानी मूल का है। वह खुद को एक बिजनेसमैन बताता है, जिसमें बैंकिंग और फल निर्यात जैसा काम शामिल था। अमेरिकी जांच एजेंसियों के मुताबिक उसके ईरान के साथ करीबी संबंध थे, खासकर ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से।
क्या है आरोप
6 मार्च 2026 को ब्रुकलिन की फेडरल कोर्ट में जूरी ने उसे दोनों आरोपों पर दोषी करार दिया। उस पर सीमा-पार आतंकवाद और मर्डर फॉर हायर यानि कि पैसे के बदले हत्या की साजिश रचने का आरोप है। बहरहाल, कोर्ट ने सजा की सुनवाई बाद में होगी और उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
क्या है पूरा मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह साजिश 2024 में शुरू हुई थी। मर्चेंट पर आरोप था कि वह अमेरिका में हिटमैन भर्ती करने आया था, ताकि किसी अमेरिकी राजनेता या हाई-प्रोफाइल सरकारी अधिकारी की हत्या कराई जा सके। यह सब कथित तौर पर ईरान के बदले की कार्रवाई थी, क्योंकि जनवरी 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में IRGC के कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी। ईरान ने बार-बार सुलेमानी की मौत का बदला लेने की बात कही है।
मर्चेंट ने अदालत में गवाही दी थी कि उसके ईरानी कांटैक्ट ने तीन नाम बताए थे औऱ वो डोनाल्ड ट्रंप, पूर्व प्रेसिडेंट जो बाइडेन, निक्की हेली का नाम शामिल है। हालांकि उसने कहा कि उसे कभी किसी खास व्यक्ति को मारने का स्पष्ट ऑर्डर नहीं मिला। उसकी योजना थी, विरोध प्रदर्शन करना, डॉक्यूमेंट्स चुराना, मनी लॉन्ड्रिंग, और आखिर में हत्या करना था। एक बार उसने एक होटल में नैपकिन पर प्लान बनाया, जहां वाष्प से टारगेट दिखाया और शूटिंग का तरीका समझाया। उसने 5000 डॉलर कैश भी दिए, लेकिन वे लोग असल में अंडरकवर FBI एजेंट थे।
टेक्सास से गिरफ्तार हुआ मर्चेंट
FBI ने प्लॉट को शुरू से ट्रैक किया। मर्चेंट को जुलाई 2024 में टेक्सास में गिरफ्तार किया गया, ठीक एक दिन पहले जब पेंसिल्वेनिया में ट्रंप पर अलग हमला हुआ था। जांच में उसके पास से एक हैंडरिटन नोट मिला, जिसमें प्लॉट के कोडवर्ड्स थे।
क्या है आरोपी का पक्ष
अदालत में मर्चेंट ने कहा कि वह मजबूरी में शामिल हुआ। IRGC ने उसके परिवार (पत्नी और गोद ली बेटी) को तेहरान में धमकी दी थी। उसने कहा, “मैं ये सब इतनी इच्छा से नहीं कर रहा था, परिवार खतरे में था।” उसका मानना था कि प्लॉट फेल हो जाएगा और वह पकड़ा जाएगा, इससे पहले कोई मौत नहीं होगी।











