बेंगलुरु की तेज रफ्तार जिंदगी के बीच 14 फरवरी को एक ऐसी घटना घटी जिसने न केवल पुलिस की कार्यकुशलता को साबित किया, बल्कि माता-पिता की सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए। एक दंपति अपनी यात्रा से लौटकर घर पहुँचा, लेकिन जल्दबाजी और थकान में वे यह देखना भूल गए कि उनका 4 साल का बच्चा अभी भी कैब की पिछली सीट पर सो रहा है।
कैसे हुई इतनी बड़ी भूल?
रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु का यह कपल अपनी ट्रिप से वापस आकर अपने अपार्टमेंट के पास कैब से उतरा। बच्चा पिछली सीट पर गहरी नींद में था। जैसे ही कपल सामान लेकर उतरा, ड्राइवर को लगा कि सभी यात्री उतर चुके हैं और वह गाड़ी लेकर वहां से चला गया। कुछ ही देर बाद जब माता-पिता को एहसास हुआ कि उनका बच्चा साथ नहीं है, तो उनके हाथ-पांव फूल गए।
‘नम्मा 112’ और पुलिस की सूझबूझ
घबराए हुए माता-पिता ने बिना देरी किए बेंगलुरु पुलिस की आपातकालीन हेल्पलाइन ‘नम्मा 112’ पर कॉल किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की।
कॉल के ठीक दो मिनट बाद दो पुलिस अधिकारी दंपति के पास पहुँच गए। पुलिस ने तुरंत गाड़ी का नंबर ट्रेस किया और उसकी लाइव लोकेशन ट्रैक की। पुलिस ने कैब ड्राइवर को फोन किया। ड्राइवर भी इस बात से अनजान था कि पीछे एक बच्चा सो रहा है। पुलिस ने उसे तुरंत बच्चे के साथ वापस अपार्टमेंट आने का निर्देश दिया।
लगभग एक घंटे के भीतर, ड्राइवर बच्चे को लेकर वापस पहुँचा और उसे सुरक्षित माता-पिता के हवाले कर दिया।
बच्चे के मिलने के बाद पुलिस ने माता-पिता की काउंसलिंग की और उन्हें भविष्य में अधिक सतर्क रहने की कड़ी चेतावनी दी। हालांकि, जब यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तो लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं।
कई लोगों ने बेंगलुरु पुलिस की ‘सुपरफास्ट’ सर्विस की सराहना की और कहा कि ‘नम्मा 112’ वास्तव में जीवन रक्षक है। वहीं दूसरी ओर, बड़ी संख्या में लोगों ने माता-पिता को निशाने पर लिया। लोगों ने सवाल उठाया कि कोई माता-पिता इतने लापरवाह कैसे हो सकते हैं कि उन्हें अपने सोते हुए बच्चे का ध्यान ही न रहे। कुछ यूजर्स ने तो इसे लापरवाह पेरेंटिंग का उदाहरण तक करार दे दिया।













