छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में 1 फरवरी 2026 को एक गांव में दो समुदायों के बीच झड़प हुई, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। यह मामला फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के दुधकैया गांव का है। जहां चार महीने पहले मंदिर में तोड़फोड़ करने के मामले में जेल भेजे गए कट्टरपंथी मुस्लिम शख्स आरिफ ने जेल से बाहर आते ही अपने दो साथियों के साथ फिर से हिंसा करनी शुरू कर दी है।
दरअसल, करीब चार महीने पहले गांव में कुछ लोगों ने राहगीरों से लूटपाट और मारपीट की थी। साथ ही शिव मंदिर में तोड़फोड़ भी की गई थी। इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। पुलिस ने उन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हाल ही में जमानत पर रिहा होने के बाद वे फिर सक्रिय हो गए।
क्या है पूरा मामला
रविवार को आरोपी आरिफ नाम के व्यक्ति ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर गांव के कुछ युवकों पर हमला किया। लाठियां, रॉड और हथियारों से मारपीट हुई। आरोप था कि ये लोग पुलिस में उनकी शिकायत करने वालों को धमका रहे थे और बदला ले रहे थे। इस हमले से गांव में गुस्सा फैल गया।
जवाबी कार्रवाई और आगजनी
गुस्साए ग्रामीणों की भीड़ ने आरोपी पक्ष के घरों पर हमला कर दिया। कई घरों में तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गई। अलग-अलग रिपोर्ट्स के मुताबिक 6 से 12 घर जलाए गए। साथ ही 3-4 वाहन भी आग के हवाले कर दिए गए। यह सब शाम के समय हुआ, जब स्थिति बेकाबू हो गई।
पुलिस ने कई लोगों को बचाया
पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को बचाने की कोशिश की। एक रिपोर्ट में कहा गया कि पुलिस ने 20 लोगों (बच्चों समेत) को सुरक्षित निकाला। लेकिन पथराव और झड़प में 5 से 7 पुलिसकर्मी घायल हो गए। दमकल गाड़ियां बुलाई गईं और आग बुझाई गई। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया, गांव को छावनी जैसा बना दिया। कुछ जगहों पर लाठीचार्ज भी करना पड़ा ताकि भीड़ को काबू किया जा सके।
गिरफ्तारियां और हालात
पुलिस ने तीन आरोपियों (आरिफ और उसके दो साथी) को गिरफ्तार कर लिया। शाम तक स्थिति कुछ संभल गई, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है। इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। पुलिस और प्रशासन लगातार नजर रखे हुए है ताकि कोई और घटना न हो। जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।











