पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में 31 जनवरी 2026 को एक बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने कई जगहों पर एक साथ हमले किए, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की। इस घटना में कुल मिलाकर काफी लोग मारे गए और इलाके में इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई।
12 जगहों पर हमला
शनिवार की सुबह से शुरू हुए हमलों में BLA के लड़ाकों ने क्वेटा समेत मस्तुंग, नुश्की, दलबंदीन, खरान, पंजगुर, तुम्प, ग्वादर और पसनी जैसे कई इलाकों में पुलिस स्टेशन, सेना के ठिकाने, सरकारी दफ्तर और जेल पर हमला किया। क्वेटा में ही रात को 12 अलग-अलग जगहों पर गोलीबारी और बम हमले हुए। कुछ हमलों में दो महिला हमलावरों और तीन आत्मघाती हमलावरों का इस्तेमाल किया गया। हमलावरों ने बैंक लूटे, पुलिस वाहन जलाई और एक डिप्टी डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर का अपहरण भी कर लिया। BLA ने इसे ‘ऑपरेशन हेरोफ फेज II’ या ‘ब्लैक स्टॉर्म’ नाम दिया और दावा किया कि उन्होंने 80 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को मारा और 18 को बंधक बनाया।
हादसों में कितने लोग मारे गए
पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, हमलों में 18 आम नागरिक मारे गए, जिनमें महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और मजदूर शामिल थे। 17 सुरक्षाकर्मी (पुलिस और सेना के जवान) शहीद हुए, जिनमें से 15 की मौत मुकाबलों में हुई। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने 145 लड़ाकों को मार गिराया, जिनमें से 92 शनिवार को ही मारे गए। कुल मिलाकर 40 घंटे के भीतर यह कार्रवाई चली और मारे गए ज्यादातर लड़ाकों के शव सुरक्षाबलों के कब्जे में हैं, जहां उनकी पहचान की जा रही है। BLA ने अलग दावे किए, लेकिन पाकिस्तानी पक्ष ने उन्हें खारिज कर दिया। कुल मौतों की संख्या 193 के आसपास बताई जा रही है।
इंटरनेट कर दिया गया बंद
हिंसा बढ़ने के बाद क्वेटा, सिबी, चमन समेत कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट और टेलीकॉम सेवाएं 24 घंटे से ज्यादा समय के लिए बंद कर दी गईं। ट्रेन सेवाएं रोकी गईं और कई सड़कें बंद कर दी गईं। अस्पतालों में इमरजेंसी लगाई गई ताकि घायलों का इलाज हो सके।

















