आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हर इंसान तनाव, थकान और कई तरह की बीमारियों से जूझ रहा है। ऐसे में योग और प्राणायाम हमारे लिए बहुत फायदेमंद साबित होते हैं। अनुलोम-विलोम प्राणायाम एक ऐसा सरल अभ्यास है, जिसे कोई भी व्यक्ति आसानी से कर सकता है। इसे रोज़ाना करने से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। अनुलोम-विलोम एक प्रकार का श्वास-प्रश्वास का अभ्यास है, जिसमें हम एक नासिका से साँस लेते हैं और दूसरी नासिका से छोड़ते हैं। यह देखने में बहुत आसान लगता है, लेकिन इसके फायदे बहुत गहरे और लंबे समय तक असर करने वाले होते हैं।
तनाव और चिंता को कम- रोज सुबह 10–15 मिनट अनुलोम-विलोम करने से दिमाग शांत होता है और मन हल्का महसूस करता है। जो लोग ज़्यादा सोचते हैं या जल्दी घबरा जाते हैं, उनके लिए यह बहुत उपयोगी है।
साँस से जुड़ी समस्याओं में राहत- अनुलोम-विलोम फेफड़ों को मजबूत बनाता है और साँस लेने की क्षमता बढ़ाता है। अस्थमा, सर्दी-खाँसी और एलर्जी जैसी समस्याओं में इससे लाभ मिल सकता है।
खून का प्रवाह सही- यह प्राणायाम रक्त संचार को बेहतर बनाता है। जब शरीर में खून का प्रवाह सही रहता है, तो दिल स्वस्थ रहता है और शरीर के सभी अंग ठीक से काम करते हैं। इससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में भी मदद मिल सकती है।
पाचन तंत्र मजबूत- अनुलोम-विलोम पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है। जो लोग गैस, कब्ज़ या अपच से परेशान रहते हैं, अगर वे इसे नियमित रूप से करें तो धीरे-धीरे इन समस्याओं में सुधार देखने को मिलता है।
एकाग्रता और याददाश्त बढ़ाने में भी सहायक- इसके अलावा, यह एकाग्रता और याददाश्त बढ़ाने में भी सहायक है। विद्यार्थी अगर रोज़ अनुलोम-विलोम करें, तो उनका ध्यान पढ़ाई में बेहतर लगता है और मन भटकता नहीं है।
नींद की समस्या दूर- अनुलोम-विलोम करने से नींद की समस्या भी दूर होती है। जिन लोगों को देर से नींद आती है या नींद बार-बार टूट जाती है, उन्हें रात में सोने से पहले या सुबह यह अभ्यास करना चाहिए।













