वेनेजुएला जैसे संप्रभु राष्ट्र को तबाह करके उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और हैरानी भरा कदम उठाया है। खुद को वेनेजुएला का ‘एक्टिंग प्रेसिडेंट’ यानी कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित कर दिया। यह सब तब हुआ जब कुछ दिन पहले ही अमेरिका ने वेनेजुएला पर सैन्य हमला करके वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया था।
क्या है पूरा मामला
3 जनवरी 2026 को अमेरिकी सेना ने राजधानी काराकास में एक बड़े ऑपरेशन के जरिए निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड़ लिया। दोनों को अमेरिका लाया गया और न्यूयॉर्क में ड्रग तस्करी, हथियारों और दूसरे गंभीर आरोपों में मुकदमा चलाया जा रहा है। ट्रंप ने इस ऑपरेशन को बड़ी सफलता बताया और कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला को “चलाएगा” ताकि तेल का प्रवाह फिर से शुरू हो सके।
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि सत्ता का सुरक्षित हस्तांतरण होने तक अमेरिका ही वेनेजुएला का कामकाज संभालेगा। 4 जनवरी को भी ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका अब वहां “प्रभारी” है।
ट्रंप का सोशल मीडिया पोस्ट
अब 12 जनवरी को ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक डिजिटल रूप से बदली हुई तस्वीर पोस्ट की। इसमें उनकी ऑफिशियल फोटो (विकिपीडिया वाली स्टाइल) इस्तेमाल की गई है और नीचे लिखा है – “Acting President of Venezuela”। ट्रंप ने इस इमेज के साथ दावा किया कि वे वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति हैं। यह पोस्ट काफी चर्चा में आ गया क्योंकि वेनेजुएला में तो पहले से ही अपना अंतरिम लीडरशिप सेटअप हो चुका था।

वेनेजुएला में क्या हुआ?
मादुरो के गिरफ्तार होने के बाद वेनेजुएला के सुप्रीम ट्रिब्यूनल ऑफ जस्टिस (सर्वोच्च न्यायालय) ने संवैधानिक नियमों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी सौंपी। यह फैसला देश के अंदरूनी कानून और उत्तराधिकार प्रक्रिया के तहत लिया गया। रोड्रिग्ज ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की और इसे “अवैध अपहरण” बताया। उन्होंने कहा कि मादुरो अभी भी राष्ट्रपति हैं और देश में शांति व संवाद की जरूरत है।
मार्को रुबियो को घोषित किया क्यूबा का राष्ट्रपति
ट्रंप ने सिर्फ खुद को राष्ट्रपति घोषित नहीं किया, बल्कि विदेश मंत्री मार्को रूबियो के क्यूबा के राष्ट्रपति बनने वाले एक पोस्ट को भी शेयर किया और लिखा – “मुझे यह अच्छा लग रहा है।” यह सब काफी विवादास्पद हो गया क्योंकि वेनेजुएला के संप्रभु अधिकारों पर सवाल उठ रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को संकेत दिया था कि अमेरिका का वेनेजुएला को सीधे प्रशासित करने का कोई इरादा नहीं है। लेकिन ट्रंप के ताजा कदम से लगता है कि तेल और दूसरे कारोबारी हितों को लेकर अमेरिका लंबे समय तक वहां प्रभाव बनाए रखना चाहता है।
















