बांग्लादेश में एक और हिन्दू कट्टरपंथियों की बलि चढ़ गया है। ये वारदात नरसिंदी जिले की है, जहां 40 साल के हिंदू किराना दुकानदार मोनी चक्रवर्ती की हत्या कर दी गई। यह घटना 5 जनवरी 2026 की रात को हुई, जब मोनी अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। वहीं मुहम्मद यूनुस सरकार लगातार बचाव कर रही है। उसका कहना है कि इस मामले को सांप्रदायिक एंगल दिया जा रहा है।
घटना क्या हुई?
मोनी चक्रवर्ती पलाश उपजिला के चार सिंधुर बाजार में अपनी छोटी किराना की दुकान चलाते थे। रात करीब 10-11 बजे के आसपास, दुकान बंद करने के बाद वे घर जा रहे थे तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार (जैसे चाकू या दा) से हमला कर दिया। हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत पास के पलाश उपजिला स्वास्थ्य परिसर ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही या अस्पताल पहुंचते ही उनकी मौत हो गई।
मोनी स्थानीय इलाके में काफी सम्मानित व्यक्ति थे। उनकी दुकान बाजार में अच्छी चलती थी और लोग उन्हें सज्जन इंसान मानते थे। उनके एक करीबी दोस्त राजेंद्र चौहान ने बताया कि मोनी का किसी से कोई पुराना झगड़ा या दुश्मनी नहीं थी। वे बहुत अच्छे स्वभाव के थे और इलाके में किसी का बुरा नहीं करते थे।
बांग्लादेश सरकार का बयान
मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने इस मामले पर आधिकारिक सफाई दी है। सरकार के वरिष्ठ सहायक प्रेस सचिव फॉयेज अहमद ने कहा कि पुलिस की शुरुआती जांच और परिवार से बातचीत के आधार पर यह साफ है कि हत्या का कारण पारिवारिक विवाद और पुरानी व्यापारिक दुश्मनी है। सरकार ने साफ तौर पर कहा कि इस हत्या का कोई धार्मिक या सांप्रदायिक एंगल नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि चूंकि मोनी हिंदू थे, इसलिए कुछ लोगों ने बिना तथ्यों की जांच किए इसे सांप्रदायिक हमला बता दिया और सोशल मीडिया पर गलत प्रचार फैलाया। इससे देश में सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंच सकता है। सरकार ने सभी से अपील की कि ऐसी घटनाओं पर बयान देने से पहले पूरी जांच और सच्चाई पता करें।
पहले भी हो चुकी है हिन्दू हत्या
यह हत्या उसी दिन हुई जब कुछ घंटे पहले ही जशोर जिले में एक और हिंदू व्यवसायी राणा प्रताप बैरागी (45 साल) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वे एक आइस फैक्ट्री चलाते थे और एक स्थानीय अखबार के कार्यकारी संपादक भी थे। इन दो घटनाओं से पिछले कुछ हफ्तों में हिंदू समुदाय पर हो रही लगातार हिंसा की खबरों को और बल मिला है। बाजार संघ ने भी विरोध में मानव श्रृंखला बनाई और हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
इससे पहले हाल ही में खुलना विश्वविद्यालय के बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में मास्टर्स के छात्र 26 वर्षीय अर्नब कुमार सरकार की हत्या उस वक्त कर दी गई थी, जब वो चाय की टपरी पर चाय पी रहा था।

















