नई दिल्ली: नेपाल के बीरगंज में हिंसा और सांप्रदायिक तनाव जारी है। जिसके बाद पुलिस-प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया है। नेपाल में हिंसा और हिंदू-मुस्लिमों के बीच तनाव के बीच भारत में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। नेपाल सरकार ने लोगों से घरों में ही रहने की अपील की है। सुरक्षाबलों को उपद्रव मचाने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी हुए हैं। कर्फ्यू की अवधि के दौरान सुरक्षाकर्मियों को आवश्यक सेवाओं में रियायत देने के निर्देश दिए गए हैं। कर्फ्यू मंगलवार शाम 6 बजे तक बढ़ा दिया गया है।
सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के बाद शुरू हुआ तनाव…
नेपाल के परसा जिले के बीरगंज शहर में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू-मुस्लिम तनाव शुरू हुआ। विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और इसके बाद यहां प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया। बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बीच भारत ने अपनी सीमाएं पूरी तरह सील कर दी हैं। आपात सेवाओं को छोड़कर सभी प्रकार की सीमा-पार आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
दो मुस्लिम युवकों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था भड़काऊ वीडियो
नेपाल के बीरगंज में सांप्रदायिक तनाव की वजह दो मुस्लिम युवक हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यहां धनुषा जिले की कमला नगरपालिका में रहने वाले दो मुस्लिम युवको हैदर अंसारी और अमानत अंसारी से इस सांप्रदायिक तनाव की शुरुआत हुई। इन दोनों ही मुस्लिम युवकों ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो पोस्ट किया जिसमें हिंदू समुदाय के लिए आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। यह वीडियो वायरल हो गया और इसके बाद हिंदू समुदाय ने प्रदर्शन किया।
स्थानीय लोगों ने दोनों मुस्लिम युवकों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इस वीडियो के कारण ही नेपाल में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ा। इसके बाद कमला के सखुवा मरान इलाके में एक मस्जिद में तोड़फोड़ हुई व मामला और ज्यादा बढ़ गया। प्रदर्शन के दौरान हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि उनके देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। जिससे हालात और बिगड़ गए और प्रदर्शन हिंसक हो गया।पुलिस के अनुसार, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रदर्शनकारियों पर करीब आधा दर्जन आंसू गैस के गोले छोड़े गए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल में बिगड़ते हालात के चलते वहां काम कर रहे कई भारतीय प्रवासी मजदूर वापस लौटने लगे हैं। बीरगंज में सभी दुकानें और बाजार पूरी तरह बंद हैं।

















