नई दिल्ली: महाराष्ट्र विधान परिषद के पूर्व सदस्य, जाने-माने शिक्षाविद् और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक गजानन मोडक का 3 जनवरी देर रात निधन हो गया। वह 85 साल के थे और पिछले कुछ समय से उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे थे। उन्होंने मुंबई के पवई स्थित एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से राजनीतिक, शैक्षणिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। कई नेताओं, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
40 से अधिक पुस्तकें लिखीं थीं और 1997 में मिला था सर्वश्रेष्ठ सासंद पुरस्कार
वाराणसी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की तरफ से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह श्रद्धांजलि सभा राजातालाब नगर के विश्वकर्मा मंदिर में आयोजित की गई थी। डॉ. मोडक प्रख्यात शिक्षाविद् और सोवियत अध्ययन के विशेषज्ञ थे। उन्होंने अपने जीवन में शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया था। उन्होंने 40 से अधिक पुस्तकें लिखीं थीं। वर्ष 1994 से 2006 तक महाराष्ट्र विधान परिषद में कोंकण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। संसदीय बहसों में सार्थक और ज्ञानपूर्ण योगदान के लिए साल 1997 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. अशोक गजानन मोड़क जी का निधन समस्त अभाविप कार्यकर्ताओं के साथ ही संपूर्ण समाज के लिए एक बड़ी क्षति है। उनका सान्निध्य, मार्गदर्शन और राष्ट्रनिर्माण के प्रति समर्पण हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।… pic.twitter.com/iuP44e9G0s
— ABVP (@ABVPVoice) January 2, 2026
RSS से जुड़े थे अशोक गजानन मोडक, विचारधारा के लिए थे समर्पित
डॉ. अशोक गजानन मोडक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समर्पित स्वयंसेवक थे। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। वह विचारधारा के प्रति समर्पित थे। उनका जीवन शिक्षा, सेवा और समाज के लिए समर्पित था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने भी उनके निधन पर श्रद्धांजलि व्यक्त की है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने X पर लिखा है कि एबीवीपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. अशोक गजानन मोड़क जी का निधन समस्त अभाविप कार्यकर्ताओं के साथ ही संपूर्ण समाज के लिए एक बड़ी क्षति है। उनका सान्निध्य, मार्गदर्शन और राष्ट्रनिर्माण के प्रति समर्पण हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।











