उत्तराखंड के गदरपुर निवासी पद्मश्री पुरस्कार विजेता वैद्य बालेंदु प्रकाश को भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें टाटा मेमोरियल सेंटर के साथ मिलकर तैयार किए जा रहे “कैंसर केयर और कंट्रोल पॉलिसी पर व्हाइट पेपर” के लिए वर्किंग ग्रुप का सदस्य बनाया गया है। आयुष मंत्रालय द्वारा बनाए गए इस वर्किंग ग्रुप में आयुर्वेद, योग, सिद्ध, यूनानी, होम्योपैथी और सोवा रिग्पा के एक्सपर्ट शामिल हैं। यह ग्रुप कैंसर केयर में AYUSH सिस्टम के इंटीग्रेशन, योग की भूमिका, रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और क्लिनिकल गाइडलाइंस से जुड़े सुझाव और डेटा देगा।
गदरपुर के रतनपुरा में पाडव स्पेशलिटी आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट सेंटर के फाउंडर वैद्य बालेंदु प्रकाश आयुर्वेद की रस शास्त्र ब्रांच के जाने-माने एक्सपर्ट हैं। उन्होंने कैंसर और क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस सहित कई जटिल बीमारियों के आयुर्वेदिक इलाज के क्षेत्र में लंबे समय तक काम किया है। उनकी इस नियुक्ति से आधुनिक कैंसर चिकित्सा में आयुर्वेद और अन्य आयुष पद्धतियों की भूमिका को मजबूती मिलने की उम्मीद है। पद्मश्री वैद्य बालेन्दु प्रकाश पूर्व में राष्ट्रपति के चिकित्सक भी रह चुके हैं। उनके शोध आधारित आयुर्वेदिक उपचार प्रोटोकॉल को देश-विदेश में सराहना मिली है।
उनकी इस उपलब्धि पर गदरपुर समेत पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। मरीजों और शुभचिंतकों ने इसे उत्तराखंड और आयुर्वेद दोनों के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल देश में एकीकृत चिकित्सा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

















