कफ सिरफ के मामले में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि व्यापकता को देखते हुए विस्तृत वित्तीय जांच के उद्देश्य से प्रदेश स्तर पर एक एसआईटी का गठन किया जा रहा है। यह एसआईटी सभी प्रचलित जांचों की नियमित समीक्षा करेगी, आरोपितों से प्राप्त जानकारियों की हर कड़ी को जोड़ते हुए आगे की कार्रवाई तय करेगी तथा वित्तीय लेन-देन से जुड़े तथ्यों की भी गहन जांच करेगी। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर एसटीएफ, जनपदीय पुलिस और FSDA इस विषय को अत्यंत गंभीरता से ले रहे हैं सभी एजेंसियों इस पूरे मामले की गहन और विस्तृत जांच कर रही हैं तथा पूरे प्रकरण में कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले 2 माह में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FSDA), जनपदीय पुलिस तथा यूपी एसटीएफ द्वारा समन्वित अभियान चलाकर कोडीन युक्त कफ सिरप एवं एनडीपीएस श्रेणी की औषधियों के अवैध भंडारण, क्रय-विक्रय, वितरण एवं अवैध डायवर्जन के संबंध में एक सघन अभियान चलाया गया। FSDA मुख्यालय स्तर की विशेष टीम द्वारा केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN), मध्य प्रदेश से प्राप्त महत्वपूर्ण इनपुट की अग्रिम जाँच के क्रम में औषधि विभाग के विभिन्न औषधि निरीक्षकों द्वारा हिमाचल प्रदेश स्थित दो, उत्तराखंड राज्य स्थित तीन कोडीनयुक्त कफ सिरप के निर्माता फर्मों एवं हरियाणा राज्य स्थित निर्माता फर्म के एक डिपो व झारखंड राज्य के रांची स्थित एक बहुराष्ट्रीय निर्माता फर्म के सुपर स्टॉकिस्ट सैली ट्रेडर्स की गहन जांच कर, कोडीनयुक्त कफ सिरप के निर्माण, भंडारण, क्रय-विक्रय एवं वितरण संबंधित सूचना व अभिलेखों को प्राप्त किया गया।
उपरोक्त फर्मों द्वारा कोडीनयुक्त कफ सिरप का विक्रय, प्रदेश के कतिपय जनपदों के चुनिंदा औषधि प्रतिष्ठानों को पुनरावृत्त भारी मात्रा में किया गया है। इनमें से कुछ प्रतिष्ठान एक ही व्यक्ति अथवा उनके सगे संबंधियों के नाम के हैं, जिनके अधिप्रमाणित साक्ष्यों में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगा कर औषधि लाइसेंस प्राप्त करने के भी प्रमाण मिले हैं, कुछ प्रतिष्ठान जिनका औषधि लाइसेंस पूर्व में निरस्त किया जा चुका है, ऐसे प्रतिष्ठानों को भी 1 से 3 लाख कोडीनयुक्त कफ सिरप बोतल की भारी मात्रा में बिक्री की गई है। जिससे स्पष्ट है कि इन फर्मों/ व्यक्तियों द्वारा कोडीन फॉस्फेट युक्त औषधियों (कफ सिरप) का गैर चिकित्सकीय उपयोग हेतु संगठित रूप से अवैध डायवर्जन कर नशे के रूप में दुरुपयोग कराया जा रहा है। जो कि एक संगठित अपराध की श्रेणी में आता है।
उक्त तथ्यों व अभिसूचना के आधार पर, औषधि विभाग द्वारा प्रदेश के 279 औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों पर व्यापक निरीक्षण किए गए। निरीक्षणों में यह पाया गया कि कतिपय औषधि प्रतिष्ठान भौतिक रूप से अस्तित्व में नहीं हैं, अथवा केवल “बिलिंग प्वाइंट्स” के रूप में कार्य किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त कई प्रतिष्ठानों पर अपर्याप्त भंडारण व्यवस्था पाई गई तथा औषधियों के क्रय विक्रय अभिलेख उपलब्ध नहीं पाए गए जिससे स्पष्ट हुआ है कि, जांच की गई समस्त फर्मों द्वारा संगठित रूप से इन औषधियों का गैर चिकित्सकीय उपयोग हेतु अवैध डायवर्जन कर नशे के रूप में दुरुपयोग कराया जा रहा है, जिनमें प्रमुखतः जनपद लखनऊ, लखीमपुर खीरी, बहराइच, नेपाल, वाराणसी, गाजियाबाद आदि में नशे के रूप में दुरुपयोग होने की प्रबल संभावना है।
डीजीपी ने बताया कि आम जनमानस, विशेषकर युवाओं पर नशे के दुष्प्रभाव पर प्रभावी नियंक्षण पाने, जन-स्वास्थ्य व सुरक्षा सुनिश्चित करने व वर्तमान में उक्त अभियान में किये गए निरीक्षणों के दौरान पाए गए सभी उल्लंघनों की पुष्टि हो जाने पर अपराध की निरन्तरता को रोकने हेतु औषधि विभाग के निरीक्षकों द्वारा 28 जनपद में कुल 128 एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में जनपदीय पुलिस एवं एसटीएफ कोडीनयुक्त कफ सिरप और एनडीपीएस श्रेणी की औषधियों के व्यापार में लिप्त अभियुक्तों के खिलाफ उतर प्रदेश पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। दिनांक 18.10.2025 को कोडीनयुक्त कफ सिरप से भरे 12 ट्रक को पकड़ा गया, जिसमें 1,19,675 बोतले बरामद की गई। इस प्रकरण में तत्काल 33 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। दिनांक 1-11-2025 को रांची, झारखण्ड से 13,400 कोडीनयुक्त कफ सिरफ की शीशी बरामद की गई। सोनभद्र एवं गाजियाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई दिनांक 4-11-2025 को सोनभद्र पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना के आधार पर की गई। पुलिस ने संयुक्त रूप से 4 ट्रक से 1,57,350 शीशी कोडीन युक्त कफ सिरफ बरामद की गई। 8 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही यूपी एसटीएफ द्वारा उक्त प्रकरण में कुल 9 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। लखनऊ जोन की पुलिस द्वारा की गयी कार्रवाई कुल 11 अभियोग पंजीकृत करते हुए 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। बरेली जोन के विभिन्न जनपदों में कुल 4 अभियोग पंजीकृत करते हुए 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। गोरखपुर जोन के विभिन्न जनपदों में कुल 10 अभियोग पंजीकृत करते हुए 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार एवं 2 अभियुक्तों को नोटिस तामील किया गया है। कमिश्नरेट वाराणसी के विभिन्न जनपदों में कुल 2 अभियोग पंजीकृत करते हुए 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।











