जर्मनी की एक अदालत ने दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक गूगल पर लगभग ₹5,800 करोड़ (665 मिलियन डॉलर) का जुर्माना लगाया है। यह फैसला इसलिए दिया गया, क्योंकि अदालत को लगा कि गूगल ने ऑनलाइन मार्केट में अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया और अपने ही प्रोडक्ट को लोगों के सामने सबसे ऊपर दिखाकर प्रतियोगियों को नुकसान पहुंचाया।
क्या है पूरा मामला- जर्मनी की दो कंपनियों—इडियालो (Idealo) और प्रोडक्टो (Producto) ने कोर्ट में शिकायत की थी कि जब कोई व्यक्ति ऑनलाइन किसी प्रोडक्ट की कीमत या जानकारी खोजता था, तो गूगल अपने प्लेटफॉर्म “Google Shopping” को खोज परिणामों में सबसे ऊपर दिखाता था। इससे यह होता था कि उपयोगकर्ता सबसे पहले गूगल की ही शॉपिंग सर्विस पर क्लिक करते थे, जबकि अन्य कंपनियों की वेबसाइटें नीचे चली जाती थीं। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि इससे उन्हें काफी आर्थिक नुकसान हुआ, क्योंकि ट्रैफिक और ग्राहक दोनों कम हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि गूगल ने जानबूझकर अपने प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देकर बाज़ार में ईमानदार प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचाया।
कोर्ट ने अपने फैसले में माना कि गूगल ने सर्च रिजल्ट्स में निष्पक्षता नहीं बरती। कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म को ऊपर दिखाकर ऑनलाइन मार्केट में अनुचित बढ़त ली। इसके कारण प्रतियोगी कंपनियों का बिज़नेस प्रभावित हुआ। इसी वजह से अदालत ने गूगल को भारी जुर्माना भरने का आदेश दिया है और साथ ही इडियालो और प्रोडक्टो दोनों कंपनियों को मुआवजा देने को भी कहा है।

















