आयरलैंड में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आ गए हैं। वहां अब से वामपंथियों का राज होगा। वामपंथी इंडिपेंडेंट कैंडिडेट कैथरीन कोनॉली ने राष्ट्रपति चुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल की है। उन्हें कुल 63 फीसदी वोट मिले, यानी कुल 9 लाख 14 हजार 143 वोट। वे आयरलैंड की 10वीं राष्ट्रपति बनेंगी और माइकल डी हिगिन्स की जगह सात साल का कार्यकाल संभालेंगी। आर्स एन उच्ताराइन में उनका शपथग्रहण अगले महीने होगा।
कोनॉली ने कहा कि वे “सभी के लिए राष्ट्रपति” बनेंगी। चुनाव में वोटर टर्नआउट सिर्फ 46 फीसदी रहा, और 2 लाख 13 हजार से ज्यादा वोट अमान्य या खराब बताए गए। यह जीत राजनीतिक व्यवस्था के लिए एक झटका है, खासकर सेंटर-राइट सरकार के लिए।
60 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल किए
कोनॉली को कुल वैध वोटों में से 9 लाख 14 हजार 143 वोट मिले, जो 14 लाख 42 हजार 698 वैध वोटों का बड़ा हिस्सा है। फाइन गेल की हीदर हम्फ्रेज को 4 लाख 24 हजार 987 वोट (29 फीसदी) और फियाना फेल के जिम गेविन को 1 लाख 3 हजार 568 वोट (7 फीसदी) मिले। कुछ डबलिन इलाकों में अमान्य वोट 20 फीसदी तक पहुंचे। राष्ट्रपति का पद तो मुख्य रूप से औपचारिक है, लेकिन उनकी जीत सरकार की आलोचना बनी। वजहें? आवास संकट, जीवनयापन की महंगाई, फाइन गेल और फियाना फेल की कैंपेन में गलतियां। कोनॉली की जीत में सोशल मीडिया का बड़ा योगदान बताया जा रहा है। कोनॉली ने अपना एजेंडा स्पष्ट कर दिया है कि वे आयरिश न्यूट्रेलिटी की रक्षा करेंगी, पश्चिमी सैन्यवाद का विरोध करेंगी, जलवायु परिवर्तन और गाजा मुद्दे उठाएंगी।
कैथरीन कोनॉली कौन हैं?
68 साल की कोनॉली पहले बैरिस्टर रहीं, फिर क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट बनीं। वे गैलवे से स्वतंत्र सांसद हैं। जुलाई में उम्मीदवारी घोषित करने पर वे मामूली नाम थीं, लेकिन अब हालात बदले हैं। कहा जाता है कि अपने चुनावी अभियान के दौरान कोनॉली ने युवाओं को सोशल मीडिया से जोड़ा—टिकटॉक पर कीपी-अप वीडियो के जरिए लोगों के बीच अपनी जगह बनाई। इसके साथ ही नीकेप और मैरी वॉलपर्स समेत कई वामपंथी समर्थक कलाकारों ने भी उनकी ब्रांडिंग की।
गाजा में अमेरिकी नीति का प्रखर विरोधी
वे गाजा में यूके और यूएस की भूमिका का कड़ा विरोध करती है और इसे नरसंहार सक्षम बनाने वाली बताती हैं। जीत के भाषण में उन्होंने आयरिश और इंग्लिश दोनों में बोला। बता दें कि चुनाव शुक्रवार को हुआ, शनिवार को डबलिन कैसल में नतीजे आए। असल में दो उम्मीदवारों का मुकाबला था—जिम गेविन ने वित्तीय घोटाले के कारण नाम वापस ले लिया, लेकिन नाम बॉलेट पर रहा। फाइन गेल की मैरियड मैकगिनेस हेल्थ वजह से हटीं, उनकी जगह हीदर हम्फ्रेज आईं—एक पूर्व कैबिनेट मंत्री, बॉर्डर काउंटी की प्रेस्बिटेरियन, जिनकी बहसों में कमजोर परफॉर्मेंस रही।
लोगों ने अमान्य वोट किए
इस बार के चुनाव में रिकॉर्ड संख्या रही और इसका कारण सीमित विकल्पों को लेकर लोगों में नाराजगी बताया जा रहा है। चुनाव के दौरान देश में आवास, महंगाई जैसे मुद्दे हावी रहे। जहां राइटविंग कुछ पिछड़ गया, वहीं वामपंथ एकता दिखी। सोशल डेमोक्रेट्स, पीपल बिफोर प्रॉफिट, लेबर, सिंन फीन ने वामपंथी पार्टियों ने कोनॉली को समर्थन दिया।











