उड़ता पंजाब अब नशे के लिए शर्मसार होता भी दिखाई दे रहा है। पंजाब के मानसा जिले के बरेटा कस्बे में मानवता उस समय शर्मशार हो गई, जब नशे के पूर्ति के लिए एक माता और पिता ने अपने छह महीने के बच्चे को महज एक लाख 80 हजार रुपये में बेच डाला। अपनी इस शर्मनाक हरकत पर पछता रहे माता पिता ढाई महीने बाद अपने बच्चे को वापिस लेने के लिए पुलिस के पास पहुंच चुके हैं। दोनों पति-पत्नी की नशा छोड़ने वाली दवा चल रही है। मामला बरेटा के गांव अकबरपुर खुडाल का है। बरेटा पुलिस व सीआईए स्टाफ ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
बच्चे को बेचने का कारण
जानकारी के अनुसार, बच्चे का पिता संदीप सिंह चिट्टे (हेरोइन) का आदी था और शादी के बाद बड़ी मुश्किल से एक बच्चे ने घर में जन्म लिया। इस दौरान मां भी चिट्टे की आदी हो गई और उन्होंने अपने घर की एक-एक वस्तु नशे की पूर्ति के लिए बेच डाली। जब कोई चारा नहीं रहा तो अपने जिगर के इस टुकड़े को महज 1 लाख 80 हजार रुपये में बेच डाला। बच्चे को बेचने के बाद मिली राशि से उक्त दंपती ने अपने घर का खरीदने के अलावा चिट्टे के लिए गिरवी की बाइक को छुड़वाया और अपनी लत पूरी की।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
बच्चे की माता कभी राज्य स्तरीय कुश्ती में खेल चुकी थी। इंस्टाग्राम पर दोस्ती होने के बाद दंपती ने प्रेम विवाह किया और यह उनका पहला बच्चा था। दंपती ने बताया कि इससे पहले रतिया से उन्हें किसी व्यक्ति से बच्चे को पांच लाख रुपये में बेचने का ऑफर मिला था। उन्होंने बताया कि दोनों दंपती बुढ़लाडा के एक कबाड़ी से नशा खरीदते थे, जिसने उनकी हालत देखकर बच्चा खरीदने की पेशकश की और उन्होंने दिल पत्थर करके नशे की लत पूरी करने के लिए अपने जिगर के टुकड़े को एक लाख 80 हजार रुपये में बेच दिया।
पछतावा और बच्चे को वापस लेने की मांग
पहलवान रह चुकी गुरमन कौर ने कहा कि अब उन्हें एहसास हो गया है कि उन्होंने यह गलत कदम उठाया, अब वह अपने बच्चे को वापस लेना चाहती हैं और उसका पालन-पोषण करना चाहती हैं। पति-पत्नी को इस बात का भी अफसोस है कि अगर वे चिट्टे के शिकार न होते तो आज यह नौबत न आती। दोनों पति-पत्नी ने बरेटा पुलिस को अर्जी देकर अपने लाल को वापस दिलाने की मांग की है।
पुलिस और गांव प्रशासन की प्रतिक्रिया
गांव के सरपंच ने बताया कि मामला पुलिस के ध्यान में लाया गया है और पुलिस ने दूसरे पक्ष के लोगों को भी बुलाया है। उन्होंने बताया कि उक्त दंपती को नशा छोड़ने के लिए पहले भी समझाया गया था, लेकिन वे नहीं समझे और उनके कारण गांव नशा मुक्त होने से वंचित रह गया है।
गोद लेने वाले की प्रतिक्रिया
बच्चे को गोद लेने वाले संजू राम ने बताया कि बच्चे के माता-पिता ने उसका पालन पोषण न होने के चलते तीन महीने पहले उन्हें बच्चा गोद देने की पेशकश की थी और उस समय बच्चे की हालत काफी खराब थी। जिसका उन्होंने इलाज भी करवाया और अब बच्चा स्वस्थ है।
पुलिस की जांच
बुढलाडा के डीएसपी सिकंदर सिंह चीमा ने बताया कि पुलिस को एक दंपती की ओर से अपने बच्चे को वापस लेने की शिकायत मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस किसी के नशेड़ी होने, बच्चे को खरीदने, बेचने या गोद लेने के मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

















