उधम सिंह नगर जिले के कई शहरों और गांवों में सरकारी जमीन पर कब्जा करने के इरादे से अवैध रूप से धार्मिक स्थल बनाए जाने की खबरें आ रही हैं। देवभूमि के मैदानी इलाको में भी क्या मजार जिहाद हो रहा है? उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर, गदरपुर, काशीपुर, रुद्रपुर, लालपुर आदि क्षेत्रों में ये अवैध धर्मस्थल कई सवाल खड़े करते हैं इनका निर्माण कैसे हुआ और इन्हें बनाने की अनुमति किसने दी?
काशीपुर से बाजपुर के मुख्यमार्ग पर आधा दर्जन अवैध मजारे बना कर सरकारीपर कब्जा कर लिया गया है। कुंडा थाना क्षेत्र के पास काशीपुर रोड पर सड़क किनारे एक नहीं बल्कि तीन अवैध धर्मस्थल बने हुए देखे जा सकते हैं। काशीपुर से सुल्तानपुर पट्टी क्षेत्र की ओर जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे अवैध धर्मस्थल देखे जा सकते हैं। बताया गया है कि कई अवैध धर्मस्थल सड़कों से दूर, गाँवों में भी पाए गए हैं।
पिछले दिनों काशीपुर नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र में करीब 30 अवैध मजारें होनी की खबरे चर्चा में आई थी। सरकारी जमीनों पर कब्जे करने की नियत से और निजी जमीनों में विवाद पैदा करने की योजना से यहां ये मजारें बनाई गई थी। काशीपुर शहर में एक मजार में अवैध निर्माण को लेकर प्राधिकरण ने नोटिस देकर दो हफ्ते में अवैध निर्माण हटाने की चेतावनी लिखित रूप में जारी की थी जोकि अब आठ माह बीत जाने के बाद भी हटाया नहीं जा सका। उधमसिंह नगर के रुद्रपुर स्थित लालपुर टोल बैरियर के पास एक अवैध धर्मस्थल की पहचान की गई है। बताया जा रहा है कि सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाए गए इस अवैध ढांचे का मामला वक्फ बोर्ड ट्रिब्यूनल में चल रहा है। यह अवैध धर्मस्थल सड़क चौड़ीकरण में बाधा बन रहा है।
नगला शांतिपुरी के बीच में भी अवैध मजारे हैं। दरपुर में तो सरकारी फल उद्यान विभाग के बगीचे में भी अवैध मजार बना दी है। जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने इस पर नोटिस भी जारी किया है। भूमि पर इसी नाम से कई अवैध धार्मिक स्थल भी पाए गए हैं। जसपुर के पास जंगल के भीतर कालू सैय्यद के नाम से है,जबकि इस नाम की मजारें गुजरात में भी देखी गई है जबकि उत्तराखंड में ऐसे नाम की कई मजारें थी जिनका सफाया धामी सरकार के बुलडोजर ने पूर्व समय में कर दिया था। खटीमा जंगल के भीतर भी एक अवैध मजार होने की पुष्टि हुई है। एक सर्वेक्षण के अनुसार, उत्तराखंड में 1,000 से अधिक अवैध धर्मस्थल थे, जिनमें से धामी सरकार ने 562 को ध्वस्त कर दिया है। शेष पर कार्रवाई लंबित है।
सीएम धामी कहते रहे हैं कि नीली-हरी चादर की आड़ में सरकारी जमीन पर किए गए इस तरह के अवैध अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने 9,500 एकड़ सरकारी ज़मीन को अवैध कब्ज़ों से मुक्त कराया है और साढ़े पाँच सौ से ज़्यादा अवैध धर्मस्थलों को हटाया है। बाकी बचे धर्मस्थलों को हटाने के बाद ही सरकार अपना अभियान पूरा करेगी।

















