कैरेबियन सागर में अमेरिकी सेना ने एक बड़ी पनडुब्बी को नष्ट कर दिया, जो ड्रग्स से भरी हुई थी और अमेरिका की ओर जा रही थी। इस कार्रवाई से अनुमानित 25,000 अमेरिकियों की ओवरडोज मौतें रुक गईं, ऐसा दावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया है। उन्होंने दावा किया कि पनडुब्बी में फेंटेनिल और अन्य ड्रग्स लादे गए थे। यह घटना वेनेजुएला के पास हुई, जहां तनाव बढ़ रहा है। दो संदिग्ध तस्कर मारे गए, जबकि दो को इक्वाडोर और कोलंबिया भेज दिया गया।
घटना का मुख्य विवरण
ट्रंप ने बताया कि पनडुब्बी एक मशहूर नारकोट्रैफिकिंग रूट पर अमेरिका की ओर बढ़ रही थी। व्हाइट हाउस ने इस हमले का वीडियो जारी किया, जो ट्रंप के ट्रूथ सोशल पर भी शेयर हुआ। वीडियो में पनडुब्बी पर लगातार फायरिंग दिखाई गई है, जबकि वह पानी में आगे बढ़ रही है। दो लोग मारे गए, और बाकी दो को उनके देशों में सौंप दिया गया। कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्टावो पेट्रो ने पुष्टि की कि उनका नागरिक जिंदा है और कानून के मुताबिक मुकदमा चलेगा।
ऑपरेशन की पूरी जानकारी
ट्रंप के मुताबिक, यह कार्रवाई अमेरिका की लैटिन अमेरिका से ड्रग्स रोकने की मुहिम का हिस्सा है। सितंबर से कैरेबियन में कम से कम छह जहाजों पर हमले हुए हैं, ज्यादातर स्पीडबोट्स। वेनेजुएला को इनमें से कुछ का स्रोत माना जा रहा है। अमेरिका कहता है कि ये हमले तस्करों को बड़ा झटका देते हैं, लेकिन अब तक 27 लोगों की मौत हुई है, और कोई सबूत नहीं है कि वे सब तस्कर थे। पनडुब्बी कहां से निकली, इसका खुलासा नहीं हुआ। ऐसी सेमी-सबमर्सिबल नावें ज्यादातर जंगलों में गुप्त रूप से बनाई जाती हैं। ये कोकीन को दक्षिण अमेरिका, खासकर कोलंबिया से, मध्य अमेरिका या मेक्सिको ले जाती हैं, अक्सर पैसिफिक ओशन के रास्ते।
सबमरीन पर अमेरिकी गोलीबारी
इसका एक छोटा सा वीडियो जारी किया गया है, जिसमें साफ दिखता कि कैसे अमेरिकी जहाज ने पनडुब्बी पर गोलीबारी की। पानी में लहरें उछल रही हैं, और फायरिंग लगातार चल रही है। ट्रंप ने इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बताया। इस कार्रवाई को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान जारी किया। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर कहा, “यह मेरी बड़ी शान थी कि मैंने एक बहुत बड़ी ड्रग-लदी पनडुब्बी को नष्ट किया, जो अमेरिका की ओर आ रही थी।” उन्होंने जोड़ा, “अगर यह किनारे पहुंच जाती, तो कम से कम 25,000 अमेरिकी मर जाते। दो आतंकी मारे गए। बाकी दो को इक्वाडोर और कोलंबिया भेज दिया गया।”
लेकिन विशेषज्ञ और मानवाधिकार समूह कहते हैं कि ऐसे सारांशिक हमले गैरकानूनी हैं, भले ही निशाना सिद्ध तस्कर ही क्यों न हो। कोलंबिया ने अपने नागरिक को वापस लिया और मुकदमे की बात की। इक्वाडोर का भी यही हाल है।











