माँ लक्ष्मी व रुक्मिणी संवाद में आदर्श कुटुम्ब व्यवस्था की झलक
June 16, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्लेषण

माँ लक्ष्मी व रुक्मिणी संवाद में आदर्श कुटुम्ब व्यवस्था की झलक

महाभारत के दान पर्व से प्रेरित माँ लक्ष्मी और रुक्मिणी संवाद: लक्ष्मी किन घरों में निवास करती हैं? परिवार व्यवस्था, लिव-इन रिलेशन की कुरीतियाँ और हिंदू जीवन पद्धति का महत्व। दीवाली पर पढ़ें आदर्श कुटुंब निर्माण के सूत्र।

Written byराकेश सैनराकेश सैन — edited by कुलदीप सिंह
Oct 18, 2025, 11:46 am IST
in विश्लेषण
Maa lakshmi Dhanteras

प्रतीकात्मक तस्वीर

माँ लक्ष्मी व रुक्मिणी संवाद: सर्वोच्च न्यायालय ने ठीक ही कहा है कि हिन्दुत्व एक जीवन पद्धति है, जिसकी एक एक परम्परा सुव्यवस्थित जीवन जीने का मार्ग प्रशस्त करती है। जिस जीवन शैली को आज भारतीय जीवन पद्धति कहा जाता है उसका स्रोत हमारी परम्पराएं एवं धर्म शास्त्र हैं। यह कहना अतिशयोक्ति न होगा कि अगर भारतीय जीवन प्रणाली के बारा जानना हो तो उपनिषदों के अध्ययन से यह सहजता से किया जा सकता है।

दिवाली महालक्ष्मी से जुड़ा पर्व है, यह विश्वास किया जाता है कि इस दिन माँ लक्ष्मी सभी घरों में प्रवेश करती हैं और जो स्थान उन्हें भा जाए वहीं पर निवास करती हैं। महाभारत में कथा है कि एक बार देवी रुक्मिणी ने महालक्ष्मी जी से पूछ लिया कि आप किस-किस घर में निवास करती हैं और कौन से घर आपको पसन्द नहीं हैं। इस पर माँ लक्ष्मी बताती हैं –

वसामि नित्यं सुभगे प्रगल्भे, दक्षे नरे कर्मणि वर्तमाने।

अक्रोधने देवपरे कृतज्ञे, जितेन्द्रिये नित्यमुदीर्णसत्त्वे।।

स्वधर्मशीलेषु च धर्मवित्सु, वृद्धोपसेवानिरते च दान्ते।

कृतात्मनि क्षान्तिपरे समर्थे, क्षान्तासु दान्तासु तथाबलासु।।

वसामि नारीषु पतिव्रतासु, कल्याणशालासु विभूषितासु।

(महाभारत, अनु., दानपर्व 11/6,10,14)

अर्थात् :- माँ लक्ष्मी उन घरों में निवास करती हैं जहां पुरुष सौभाग्यशाली, निर्भीक, सच्चरित्र तथा कर्तव्यपरायण हैं। जो अक्रोधी, भक्त, कृतज्ञ, जितेन्द्रिय तत्वसम्पन्न होते हैं। धर्मज्ञ और गुरुजनों की सेवा में सतत निरत रहते हैं। जिन घरों की महिलाएं ऐसी हों कि जिनको देख कर सबका मन प्रसन्न हो जाता है, जो शीलवती हों, सौभाग्यवती हों, गुणवती,  पतिपरायणा, सबका मंगल चाहने वालीं, सद्गुण सम्पन्न हों, माँ लक्ष्मी उनके घरों में निवास करती हैं।

लक्ष्मी किन पुरुषों को छोड़ चली जाती हैं –

नाकर्मशीले पुरुषे वसामि, न नास्तिके सांकरिके कृतघ्रे।

न भिन्नवृत्ते न नृशंसवर्णे, न चापि चीरे न गुरुष्वसूये।।

चाल्पतेजोबलमसत्त्वमाना:, क्लिशयन्ति कुप्यन्ति च यत्र तत्र।

न चैव तिष्ठामि तथाविधेषु, नरेषु संगुप्तपमनोरथेषु।।

(महा. अनु. दानपर्व 11/7-8)

अर्थात् :- जो पुरुष अकर्मण्य, नास्तिक, वर्णसंकर, कृतघ्र, दुराचारी, क्रूर, चोर तथा गुरु जनों के दोष देखने वाले हों, उनके घर में माँ लक्ष्मी निवास नहीं करती। जिनमें तेज, बल, सत्व और गौरव की मात्रा बहुत थोड़ी है, जो हर बात में खिन्न हो उठते हैं, जो मन से दूसरा भाव रखते हैं और ऊपर से और दिखते हैं ऐसे मनुष्यों के घरों में लक्ष्मी निवास नहीं करतीं।

लक्ष्मी को कौन सी महिलाएं पसन्द नहीं –

प्रकीर्णभाण्डामनवेक्ष्यकारिणीं,

सदा च भर्तु: प्रतिकूलवादिनीम्।

परस्य वेश्माभिरतामलज्जा, मेवंविधां तां परिवर्जयामि।

पापामचोक्षामवलेहिनीं च, व्यपेतधैर्यां कलहप्रियां च।।

निद्राभिभूतां सतं शयाना। मेंविधां तां परिवर्जयामि।

(महाभारत दान पर्व)

अर्थात् :- जो महिलाएं अपने घर के सामान की चिन्ता नहीं करतीं, बिना सोचे-विचारे काम करती हैं, पति के प्रतिकूल बोलती हैं, पराए घर से अनुराग रखती हैं, निर्लज्ज पापकर्म में रुचि रखने वाली हैं, अपवित्र चटोरी हैं, अधीर, झगड़ालू तथा सदा सोने वाली हैं ऐसी स्त्रियों के घर को लक्ष्मी छोड़ जाती है।

हमारी इन परम्परागत चर्चाओं के बीच एक सच्चाई यह भी है कि आज का युवा वर्ग शादी जैसे पारिवारिक बन्धनों से मुक्त हो सहचर्य जीवन (लिव इन रिलेशन) की ओर आकर्षित हो रहा है। यह लिखते हुए भी लज्जा महसूस हो रही है कि गत समय सार्वजनिक तौर पर कुछ सिलेब्रेटीज ने यह कहा कि शादी से पहले ‘टेस्ट ड्राईव’ (शारीरिक आनन्द) लेने में कोई बुराई नहीं। इसके विपरीत कुछ धर्माचार्यों ने अपनी बात कही तो हमारे बुद्धिजीवियों का एक वर्ग व उनका पूरा ईको सिस्टम देश की परम्परा व रिती रिवाजों को विस्मृत कर न केवल इन सेलेब्रिटीज की हां में हां मिलाने लगा बल्कि धर्माचार्यों को खलनायक के रूप में पेश किया जाने लगा।

लिव इन जैसी कुरितियों के दुष्परिणाम

यह ठीक है कि निजता के नाम पर पश्चिमी जगत् की लिव इन जैसी कुरीती को देश में वैधानिक मान्यता मिलती जा रही है परन्तु यह भी नहीं भूलना चाहिए कि इस नई व्याधि के दुष्परिणाम भी सामने आने लगे हैं। महिलाओं की हत्या कर उन्हें कुक्कर में पकाने, शादी के दो दिन बाद ही पति या पत्नी की हत्या जैसी बातें सामान्य होती जा रही हैं। नई जीवन शैली में और भी बहुत कुछ ऐसा गलत हो रहा है जिसका जिक्र करना भी शर्मनाक लगता है।

हमारी परिवार व्यवस्था न केवल प्रमाणिक मानी जाती है बल्कि यह हमारी संस्कृति का आधार स्तम्भ भी है। पारिवारिक मर्यादा में रह कर भी हम जीवन के चार पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं तो भटकने से क्या लाभ? माँ लक्ष्मी व रुक्मिणी संवाद में आदर्श कुटुम्ब व्यवस्था निहित है। इसी मार्ग पर चल कर ही हम सुखी, समृद्ध व स्वस्थ परिवार और इन गुणों से सम्पन्न समाज और राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।

Topics: लिव इन रिलेशन दुष्परिणामदीवाली महालक्ष्मी पूजाMother Lakshmi Rukmini dialogueLakshmi residence storyideal family systemMahabharata charity festival Lakshmiमाँ लक्ष्मी रुक्मिणी संवादHindu way of life Upanishadलक्ष्मी निवास कथाill effects of live in relationshipआदर्श परिवार व्यवस्थाDiwali Mahalakshmi pujaमहाभारत दान पर्व लक्ष्मीहिंदू जीवन पद्धति उपनिषद
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

No Content Available
Load More

ताज़ा समाचार

PM मोदी ने कहा- धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से प्रेरित कार्यों के माध्यम से ही खुलता है सुख-समृद्धि का द्वार

जम्मू में ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में 700 से अधिक पेडलर्स अरेस्ट, 45 करोड़ की संपत्ति जब्त; 155 हॉटस्पॉट की पहचान

Pojk Protest Pakistan oppresion

POJK में पाकिस्तानी अत्याचार: JAAC ने जारी किया मांगों का चार्टर, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता का आरोप

फरार TMC नेता कृष्ण दास के घर पुलिस की छापेमारी, हथियार ओर कई गाड़ियां जब्त; BJP कार्यकर्ताओं पर हमले का मामला

Dragon fruit Farming

ड्रैगन फ्रूट पर विदेशी माल का दबाव, सीमांचल के किसानों की बढ़ी चिंता

E20 fake news busted PIB Fact check

E20 फ्यूल से पुरानी गाड़ियों में भी बीमा क्लेम वैलिड, कोई रिजेक्शन नहीं: ICICI Lombard और PIB फैक्ट चेक में खुलासा

राहुल गांधी की राजनीतिक यात्रा पर सहयोगियों में भ्रामक जानकारी

प्रतीकात्मक तस्वीर

महिला को नशीला जूस पिलाकर किया दुष्कर्म, जबरन इस्लामिक कन्वर्जन भी, अय्याज-आमीन गिरफ्तार; मौलवी फरार

Pakistan Table tennis self fund

पाकिस्तान की बदहाली: एशियन गेम्स 2026 के लिए टेबल टेनिस खिलाड़ियों को कहा- खुद उठाओ अपना खर्च

Kakoli Ghosh dastidar new NPCI President

तृणमूल कांग्रेस में भारी बगावत! 20 सांसदों ने एनसीपीआई पर कब्जा कर लिया, काकोली घोष दस्तिदार बनीं नई अध्यक्ष

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies