मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा-मेलाघाट राज्य राजमार्ग (राज्य राजमार्ग संख्या 107) के पुनर्निर्माण का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शिलान्यास किया। यह परियोजना ₹2089.74 लाख की लागत से बनाई जाएगी। इसके अंतर्गत 11.50 किलोमीटर लंबी सड़क का पुनर्निर्माण, केसी ड्रेनेज सिस्टम, सड़क सुरक्षा कार्य, रोड साइनएज की स्थापना, तथा टीबीएम एवं बीसी द्वारा सुदृढ़ीकरण कार्य शामिल हैं। ये मार्ग उधम सिंह जिले को नेपाल बॉर्डर तक जोड़ता है और इससे दोनों देशों के नागरिकों को सुविधा मिलने वाली है साथ है ये पीलीभीत लखीमपुरखीरी और शाहजहांपुर आने जाने वाले यात्रियों के लिए सुविधाएं प्रदान करेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह सड़क न केवल खटीमा क्षेत्र के विकास की धुरी है, बल्कि भारत-नेपाल सीमा संपर्क के लिए भी महत्वपूर्ण मार्ग है। इस सड़क के सुधार से न केवल खटीमा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, बल्कि सीमावर्ती व्यापार, पर्यटन और शिक्षा के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के साथ-साथ मृदा कटाव को रोकने तथा स्थानीय जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि सड़क लम्बे समय तक टिकाऊ एवं सुरक्षित बनी रहे। उन्होंने कहा कि खटीमा अब शिक्षा का केन्द्र बन गया है, जहां न केवल राज्य बल्कि सीमांत क्षेत्रों के छात्र भी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने सम्बोधन में कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखण्ड के हर क्षेत्र को सुगम, सशक्त और समृद्ध बनाना है। प्रत्येक विकास परियोजना लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। खटीमा-मेलाघाट सड़क परियोजना भी इस संबंध में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “कनेक्टिविटी ही विकास की रीढ़” के संकल्प को आगे बढ़ा रही है। इसी भावना के अनुरूप राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में सड़कों का विस्तार और आधुनिकीकरण तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने सड़कों को गढ्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को आगामी दीपावली एवं अन्य त्यौहारों की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि त्यौहारों के अवसर पर प्रदेश की सुरक्षा, सौहार्द एवं स्वच्छता बनाए रखना हम सबकी साझी जिम्मेदारी है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दायित्वधारी फरजाना बेगम, अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, पूर्व विधायक डा. प्रेम सिंह राणा आदि उपस्थित थे।














