नई दिल्ली, (हि.स.)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वर्तमान में केवल 20 प्रतिशत वन क्षेत्र ही पर्यटकों के लिए खुला है, तथा शेष 80 प्रतिशत संरक्षित है। वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाए बिना पर्यटकों के लिए अधिक वन क्षेत्रों को खोलने से स्थानीय जनजातीय समुदायों के विकास और समृद्धि को और बढ़ावा मिलेगा।
गडकरी ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित वन्यजीव फोटो प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में कहा कि नागपुर और आसपास के जंगलों का संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। नागपुर से जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाघों की सुरक्षा के लिए विशेष संरचनाएं बनाई गई हैं, जिनमें सड़क के नीचे मार्ग और ऊपर जंगल जैसी व्यवस्था शामिल है, ताकि वन्य जीवन और सड़क यातायात में संतुलन बना रहे। उन्होंने कहा कि राजस्थान और महाराष्ट्र के जंगलों में पर्यटन के अवसरों का विस्तार किया गया है और इसमें स्थानीय आदिवासी युवाओं को रोजगार भी मिला है। पर्यटन क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाने और प्रदूषण व ध्वनि नियंत्रण के लिए सर्वोच्च न्यायालय की समिति द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र का लगभग 80 प्रतिशत वन्य क्षेत्र विदर्भ में स्थित है। उनके संसदीय क्षेत्र को “टाइगर कैपिटल” के रूप में जाना जाता है। इस क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण तथा स्थानीय रोजगार सृजन दोनों पर बराबर ध्यान दिया जा रहा है।

















