नई दिल्ली: अमेरिका लगातार भारत के रूस से तेल खरीदने का विरोध कर रहा है। वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए भारत पर 50 फीसदी टैरिफ भी लगाया। लेकिन भारत न ही ट्रंप के आगे झुका और न ही रूस से तेल खरीदना बंद किया। ट्रंप के साथ ही वहां के दूसरे नेता भी भारत को लगातार गीदड़ भभकी देते रहे पर भारत ने साफ कर दिया कि इन गीदड़ भभकियों का कोई असर नहीं होने वाला। ट्रंप ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में भारत और चीन पर रूस के यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध का मुख्य वित्तपोषक होने का आरोप भी लगाया। अब ट्रंप के साथ ही वहां के ऊर्जा सचिव ने भी बागी सुर अख्तियार करते हुए भारत को घुड़की दी है।
ऊर्जा सचिव क्रिस राइट का कहना है कि हम भारत को सजा नहीं देना चाहते। हम युद्ध खत्म करना चाहते हैं और भारत के साथ अपने रिश्ते मजबूत करना चाहते हैं। लेकिन भारत रूस से तेल न खरीदे।
भारत किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र पर रूस से न खरीदे…
अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट का कहना है कि भारत दुनिया के किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र है लेकिन उसे रूस से तेल नहीं खरीदना चाहिए। उन्होंने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही है। उन्होंने तर्क दिया कि रूस से भारत का रियायती दरों पर तेल खरीदना अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन युद्ध में वित्तपोषित करने के समान है। दुनिया में कई तेल निर्यातक हैं। भारत को रूसी तेल खरीदने की जरूरत नहीं है। भारत रूसी तेल इसलिए खरीदता है क्योंकि यह सस्ता है। कोई भी रूसी तेल नहीं खरीदना चाहता उन्हें इसे रियायती दरों पर बेचना पड़ता है।
हम भारत को दंडित करने की कोशिश नहीं कर रहे…रिश्ते मजबूत करना चाहते हैं
अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने भारत पर सस्ता तेल खरीदने और नजरे फेर लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत को दंडित करने की कोशिश नहीं कर रहा है बल्कि संघर्ष को रोकना चाहता है। हम चाहते हैं कि भारत हमारे साथ मिलकर तेल खरीदे। आप दुनिया के हर देश से तेल खरीद सकते हैं बस रूस से नहीं। यही हमारा रुख है। अमेरिका के पास बेचने के लिए तेल है और बाकी सभी के पास भी। उन्होंने कहा कि हम भारत को सजा नहीं देना चाहते। हम युद्ध खत्म करना चाहते हैं और भारत के साथ अपने रिश्ते मज़बूत करना चाहते हैं।
क्रिस राइट ने धमकाने के बाद खुद को बताया भारत का प्रशंसक…
अपनी तीखी चेतावनी और भारत को धमकाने के बाद क्रिस राइट ने खुद को भारत का प्रशंसक भी बताया। उन्होंने कहा, मैं भारत का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। हम भारत से प्यार करते हैं। हम भारत के साथ और अधिक ऊर्जा व्यापार और आपसी संवाद की आशा करते हैं।
















