काठमांडू (हि.स.) । नेपाल में जेन-जी आंदोलनकारियों के विरोध-प्रदर्शन में क्षतिग्रस्त सुप्रीम कोर्ट में बुधवार से अस्थायी व्यवस्था के तहत सुनवाई शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट के प्रवक्ता अर्जुन कोइराला ने बताया कि 9 सितंबर के प्रदर्शनों में कई अदालतें पूरी या आंशिक रूप से नष्ट हो गई थीं।
अस्थायी व्यवस्था और सुनवाई प्रक्रिया
न्यायिक प्रक्रियाओं को जारी रखने के लिए एक बड़े तम्बू के नीचे अस्थायी व्यवस्था की गई है। लकड़ी की मेज और कुर्सियों को न्यायाधीशों, कानूनी चिकित्सकों और अदालत के क्लर्कों के लिए व्यवस्थित किया गया। आज न्यायमूर्ति सपना प्रधान मल्ला और न्यायमूर्ति कुमार रेगमी ने बंदियों की सीधी उपस्थिति वाली याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की।
अदालत परिसर की स्थिति
सुप्रीम कोर्ट के प्रवेश द्वार पर जले हुए वाहन, अधजली व टूटी मेज और कुर्सियां बिखरी हुई हैं। स्टाफ क्वार्टर अनुपयोगी हो गए हैं। अदालतों में लंबित फाइलें पूरी तरह जल गई हैं, जबकि कुछ आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त अदालतों में रिकॉर्ड अभी भी बचा है।
नए सिरे से फाइलों की तैयारी
सुप्रीम कोर्ट की पूर्ण पीठ ने क्षतिग्रस्त फाइलों को नए सिरे से तैयार करने का निर्देश दिया। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में लगभग 26,000 मामले लंबित हैं, जिन्हें अब अस्थायी व्यवस्था के तहत सुनवाई के जरिए निपटाया जा रहा है।













