ब्रिटेन में राजनीतिक हलचल बढ़ी हुई है। इसका कारण है टॉमी रॉबिनसन की ‘यूनाइट द किंगडम’ रैली। ये रैली 13 सितंबर 2025 को सेंट्रल लंदन में हुई, जहां हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। टॉमी रॉबिनसन, जो एक विवादास्पद एक्टिविस्ट हैं, ने इसे यूके का सबसे बड़ा फ्री स्पीच फेस्टिवल बताया। ये कोई छोटा-मोटा इवेंट नहीं था, बल्कि एक बड़ा मार्च जो व्हाइटहॉल की तरफ बढ़ा और वेस्टमिंस्टर में रैली के साथ खत्म हुआ। ब्रिज स्ट्रीट, पार्लियामेंट स्ट्रीट और व्हाइटहॉल जैसे इलाकों में भीड़ उमड़ पड़ी।
क्या है पूरा मामला
ये रैली टॉमी रॉबिनसन ने खुद ऑर्गनाइज की थी। उनका कहना था कि ये वक्त दंगे या हिंसा का नहीं, बल्कि देश के लिए गर्व से खड़े होने का है। मार्च का मकसद था लोगों को एकजुट करना, खासकर फ्री स्पीच और देशभक्ति के मुद्दों पर। ऑर्गनाइजर्स ने पहले ही बड़ी भीड़ की उम्मीद जताई थी, लेकिन जो हुआ वो इससे कहीं ज्यादा था। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के मुताबिक, करीब 1,50,000 लोग इसमें शामिल हुए। ये संख्या शुरुआती अनुमानों से कहीं ज्यादा थी। दूसरी तरफ, स्टैंड अप टू रेसिज्म ने काउंटर-प्रोटेस्ट किया, जिसमें लगभग 5,000 लोग थे। दोनों ग्रुप्स के बीच तनाव बना रहा, लेकिन पुलिस ने इसे कंट्रोल करने की पूरी कोशिश की।
प्रमुख स्पीकर्स और मेहमान
रैली में कई बड़े नाम जुड़े। टॉमी रॉबिनसन खुद वीडियो लिंक से लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “ये दंगे का वक्त नहीं है। ये हिंसा का नहीं, बल्कि देश के लिए गर्व से खड़े होने का समय है। हमें खुद को कंट्रोल करना होगा।” ये मैसेज उन्होंने स्पष्ट रूप से दिया ताकि कोई गड़बड़ी न हो।
वामपंथी हिंसा पर बोले एलन मस्क
इसके अलावा, एलन मस्क ने भी स्पीच दी। उन्होंने लेफ्ट विंग की हिंसा पर चिंता जताई और कहा, “लेफ्ट में इतनी हिंसा है, हमारे दोस्त किर्क को इस हफ्ते ठंडे खून में मार दिया गया और लेफ्ट वाले इसे खुलेआम सेलिब्रेट कर रहे हैं। लेफ्ट मर्डर का पार्टी है। या तो हम लड़ें या मर जाएं।” अन्य स्पीकर्स में राइट-विंग पॉलिटिशियन और एक्टिविस्ट शामिल थे। फ्रांस के एरिक जेमौर, डेनिश पीपुल्स पार्टी के मॉर्टेन मेसरशिमिड्ट, जर्मनी की अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी के पेट्र बिस्ट्रॉन, पोलैंड के एमईपी डोमिनिक टार्जिंस्की, बेल्जियम के एक्टिविस्ट फिलिप डेविंटर और लंदन मेयर के चैलेंजर एंट मिडलटन। ये सबने देशभक्ति और इमिग्रेशन जैसे मुद्दों पर बात की।
घटनाएं और विवाद
रैली शांतिपूर्ण रहने की कोशिश के बावजूद विवादों से बच न सकी। कम से कम 25 लोग गिरफ्तार हुए। 26 पुलिसवाले घायल हुए, जिनमें से 4 को गंभीर चोटें आईं। दोपहर 4:30 बजे के आसपास आक्रामकता बढ़ गई। प्रोटेस्टर्स ने स्टेराइल जोन को तोड़ने की कोशिश की, जो मेन रैली और काउंटर-प्रोटेस्ट के बीच था। प्रोजेक्टाइल्स फेंके गए और अफसरों पर हमला हुआ। पुलिस को बल इस्तेमाल करना पड़ा।
पुलिस की रिस्पॉन्स
मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने इस बड़े इवेंट के लिए अच्छी तैयारी की थी। करीब 1,600 अफसर ड्यूटी पर थे, जिनमें 500 दूसरे फोर्सेस से आए। 1,000 अफसरों ने दोनों डेमोन्स्ट्रेशन्स की सेफ्टी सुनिश्चित की। कमांडर क्लेयर हेन ने कहा था कि ये कॉम्प्लेक्स ऑपरेशन है, लेकिन पब्लिक सेफ्टी पहले। स्टेराइल जोन बनाया गया ताकि दोनों ग्रुप्स टकराएं नहीं। सोशल मीडिया पर पुलिस ने कहा, “ब्रिज स्ट्रीट, पार्लियामेंट स्ट्रीट या व्हाइटहॉल में और लोग नहीं आ सकते। हम ऑर्गनाइजर्स के साथ एग्जिट रूट्स दे रहे हैं। शांत रहें।” अफसरों पर हमलों के बाद प्रोटेक्टिव गियर और हॉर्सेस का इस्तेमाल किया गया।











