गरियाबंद/रायपुर, (हि.स.) । छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में गुरुवार सुबह से थाना मैनपुर क्षेत्र के भालू डिग्गी जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जारी मुठभेड़ में 1 करोड़ रुपये के इनामी केंद्रीय समिति (सीसी) का सदस्य और वांछित नक्सली नेता मनोज उर्फ मोडेम बालकृष्ण समेत 10 नक्सलियों के मारे गए हैं। इसके साथ ही 40 लाख का इनामी उड़ीसा स्टेट कमेटी सदस्य प्रमोद उर्फ पाड़न्ना के भी मारे जाने की सूचना है। एसपी निखिल राखेचा ने मैनपुर के जंगलों में मुठभेड़ की पुष्टि की है।
गृह मंत्री अमित शाह ने दी बधाई
इस सफलता पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवानों को बधाई दी। उन्होंने आज शाम एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि नक्सलियों के विरुद्ध हमारे सुरक्षा बलों ने आज एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ की कोबरा कमांडो, छत्तीसगढ़ पुलिस और डीआरजी ने जॉइंट ऑपरेशन चलाकर ₹1 करोड़ के इनामी सीसीएम मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज सहित 10 कुख्यात नक्सलियों को मारा गिराया है। समय रहते बचे-खुचे नक्सली भी आत्मसमर्पण कर दें। आगामी 31 मार्च से पहले लाल आतंक का समूल नाश निश्चित है।
नक्सलियों के विरुद्ध हमारे सुरक्षा बलों ने आज एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ में CRPF की कोबरा कमांडो, छत्तीसगढ़ पुलिस और DRG ने जॉइंट ऑपरेशन चलाकर ₹1 करोड़ के इनामी सीसीएम मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज सहित 10 कुख्यात नक्सलियों को मारा गिराया है। समय रहते बचे-खुचे नक्सली…
— Amit Shah (@AmitShah) September 11, 2025
छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री और डिप्टी सीएम का बयान
छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि गरियाबंद के मैनपुर में नक्सल सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ हुई है। इसमें 10 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। दंतेवाड़ा में हुए आईईडी ब्लास्ट पर डिप्टी सीएम ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि दोनों जवानों के पैर में चोट आई है।
एसपी निखिल राखेचा की जानकारी
गरियाबंद जिला पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिलने पर सशस्त्र बलों की टीम घटनास्थल की ओर रवाना हुई थी। जहां सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच लगातार रुक-रुक कर मुठभेड़ हो रही है। इसमें बड़े नक्सली मारे गए हैं। सभी के शव भी बरामद कर लिए गए हैं। ऑटोमेटिक हथियार भी बरामद किए गए है।
आईजी अमरेश मिश्रा का बयान
रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा है कि जंगल में कई नक्सलियों के शव पड़े हैं। कई ऑटोमैटिक हथियार बरामद हुए हैं। अभी सर्च ऑपरेशन नहीं हो पाया है, क्योंकि आईईडी लगे होने का खतरा है। लगभग 9 नक्सलियों के शव जंगल में पड़े हैं। आईईडी के चलते रात में सर्च ऑपरेशन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि टीम में एसटीएफ, कोबरा (सीआरपीएफ की कमांडो बटालियन फॉर रेज़ोल्यूट एक्शन) और राज्य पुलिस के जवान इस अभियान में शामिल हैं। अभियान पूरी तरह समाप्त होने के बाद विस्तृत जानकारी अलग से जारी की जाएगी।
बीते तीन महीनों में दूसरी बड़ी सफलता
उल्लेखनीय कि बीते तीन महीने में छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों की यह दूसरी बड़ी कामयाबी है। इससे पहले मुठभेड़ में नक्सलियों का बड़ा कमांडर बसवराजू मारा गया था। पिछले डेढ़ वर्ष में छत्तीसगढ़ में लगभग 500 नक्सली मुठभेड़ों में ढेर किए गए हैं, जबकि 20 वर्षों में करीब 1500 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया और 3000 से अधिक ने आत्मसमर्पण किया है।













