यूके में एक बार फिर से हिंदुओं को लेकर शासन का दोहरा रवैया सामने आया है और इस बार हिंदुओं के सबसे बड़े पर्व माने जाने वाले दीपावली पर हमला हुआ है। यूके में लीसेस्टर में, जहां पर कुछ वर्ष पहले हिंदुओं और मंदिरों पर हमला हुआ था, अब वहाँ पर दीपावली पर आतिशबाजी और स्टेज शो पर भी रोक लगा दी गया है। भारत से बाहर यदि कहीं पर दीपावली पर सबसे भव्य और बड़ा आयोजन होता था, तो वह था यूके में लीसेस्टर। मगर अब वहाँ की लेबर के नियंत्रण में कार्य कर रही काउंसिल ने यह घोषणा की है कि दीपावली पर दिए लैंपपोस्ट्स पर रोशनी करने के अतिरिक्त हर अन्य प्रकार की गतिविधि को निरस्त कर दिया जाता है।
अब तक धूम-धाम से मनाई जाती थी दीवाली
अब तक लीसेस्टर में दीपावली पर मेले का आयोजन किया जाता था, वहाँ पर दीपावली के अवसर पर स्टेज शोज होते थे और साथ ही फूड स्टॉल लगाए जाते एवं आसमान में आतिशबाजी की जाती थी। पिछले वर्ष भी हालांकि दीपावली समारोह पर कुछ पाबंदियाँ लगाई गई थीं। जैसे कि पिछले वर्ष से पहले तक इस पर्व के अवसर पर दो बड़े समारोह होते थे। जैसे कि दीपावली से दो सप्ताह पहले एक स्विचिंग ऑन लाइट सेरेमनी होती थी और एक दीपावली वाले दिन होती थी।
पिछले वर्ष पैसे बचाने के लिए स्विचिंग ऑन सेरेमनी को बंद कर दिया गया था और शेष आयोजन किये गए थे, मगर इस वर्ष अन्य समारोह भी प्रतिबंधित कर दिए गए हैं।
दरअसल, इन आयोजनों में काफी लोग आते हैं और पिछले ही वर्ष रिकार्ड 55,000 लोग इस आयोजन में सम्मिलित हुए थे। इसे ही बहाना बनाते हुए एक सुरक्षा सलाहकार समूह (एसएजी), जो कि सभी आपात सेवाओं से मिलकर बना होता है, उसने यह निर्णय लिया कि स्टेज शो, दिवाली विलेज और आतिशबाजी जैसे आयोजन नहीं होंगे।
हिन्दू समुदाय में निराशा
जिस प्रकार से यह पाबंदियाँ लगाई गई है, उसे देखते हुए हिन्दू समाज में निराशा है। लीसेस्टर ईस्ट से सांसद शिवानी राजा ने इसे लेकर एक्स पर पोस्ट लिखा कि हमारे दीपावली उत्सव पर खतरा है। लीसेस्टर में दीपावली भारत से बाहर सबसे बड़ा उत्सव हुआ करती थी और यह हमारे शहर का कैलेंडर थी। फिर भी इस शहर की काउंसिल सुरक्षा कारणों से इसे सीमित करना चाहती है और इसीलिए मैंने औ सांसद नील ओ ब्रीन ने समाधान के लिए चीफ कॉन्स्टेबल को पत्र लिखा है। हम अपने दीपावली के उत्सव को सुरक्षित रखना चाहते हैं।
Our Diwali celebrations are STILL at risk ‼️🪔
Our Diwali Celebrations are under threat
Diwali in Leicester is one of the biggest celebrations outside India – and the highlight of our city’s calendar. Yet Leicester City Council now want to limit celebrations, citing safety… pic.twitter.com/mRfjfV8Lt6
— Shivani Raja MP (@ShivaniRaja_LE) September 3, 2025
एशियाई संस्कृति का प्रतीक है दीवाली
दरअसल लीसेस्टर में यह आयोजन ब्रिटिश और एशियाई संस्कृति का एक प्रतीक माना जाता रहा है और यहाँ पर पूरे यूके से हजारों लोग केवल इसका गवाह बनने के लिए आते हैं। उनके लिए यह पर्व से बढ़कर बहुत कुछ है। मगर अब परस्पर विश्वास पर सुरक्षा कारणों से हमला किया जा रहा है। इस आयोजन को लेकर कई चुनौतियाँ हैं। जैसे वर्ष 2023 में बजट को कम कर दिया गया था और साथ ही इसे लेकर अब राजनीतिक विवाद भी हो रहे हैं।
इसके साथ ही वर्ष 2022 में हिंदुओं पर हुए हमलों के बाद से वहाँ का माहौल ठीक नहीं हो पाया है। भारत और पाकिस्तान के मैच के बाद वहाँ पर हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच हिंसा हो गई थी। मुस्लिमों ने मंदिरों पर हमले किये थे और भगवा झंडों को फाड़ डाला गया था और सरकार ने इसके लिए एक स्वतंत्र जांच का गठन किया था।
सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि दीवाली उनके लिए चिंता का विषय है, ग्रूमिंग गैंग्स नहीं। हिन्दू शांतिपूर्ण समुदाय है और वह दूसरे को कभी भी अपना धर्म अपनाने के लिए नहीं कहते हैं।
लोग इस निर्णय पर हैरानी जता रहे हैं, मगर यह बात सच है कि लीसेस्टर में इस वर्ष दीवाली पर होने वाले समारोहों का आयोजन नहीं होगा।

















