अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार प्रवासियों पर कार्रवाई कर रहे हैं। अमेरिका में काम करने वाले या वहां रहने वाले प्रवासियों को परेशान किया जा रहा है। ट्रंप की कार्रवाईयों से लोग डरे हुए हैं। इसी क्रम में ताजा कार्रवाई उपरी न्यूयॉर्क में हुई है। शहर के छोटे से कस्बे कैटो में गुरुवार की सुबह एक सामान्य दिन की शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन न्युट्रिशन बार कॉन्फेक्शनर्स के मालिक लेनी श्मिट को कुछ और ही देखने को मिला। जैसे ही वह अपनी फैक्ट्री पहुंचे, वहां पहले से ही सैकड़ों फेडरल इमिग्रेशन एजेंट्स तैनात थे। चार पहिया वाहनों, कुत्तों और भारी हथियारों के साथ एजेंट्स ने पूरे प्लांट को घेर लिया था। यह इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की ओर से की गई एक बड़ी कार्रवाई थी, जिसने न सिर्फ कर्मचारियों को डरा दिया, बल्कि कारोबार को भी ठप कर दिया।
क्या हुआ कैटो में?
सुबह करीब 9 बजे शुरू हुए इस रेड में ICE एजेंट्स ने न्युट्रिशन बार कॉन्फेक्शनर्स के प्लांट को चारों ओर से घेर लिया। कर्मचारियों को लंचरूम में इकट्ठा किया गया, जहां उन्हें एक-एक करके पूछताछ का सामना करना पड़ा। रूरल एंड माइग्रेंट मिनिस्ट्री के मुताबिक, लगभग 70 कर्मचारियों से पूछताछ की गई, और ज्यादातर को गिरफ्तार कर पास के ओस्वेगो डिटेंशन सेंटर ले जाया गया। एक गवाह ने बताया कि एजेंट्स ने दरवाजे तोड़ने के लिए क्राउबार का इस्तेमाल किया और कुछ कर्मचारियों, खासकर हिस्पैनिक मूल के लोगों को निशाना बनाया गया। कुछ महिलाएं रो रही थीं, क्योंकि उनके बच्चे स्कूल या डे-केयर में थे, और उन्हें डर था कि उनके घर लौटने पर बच्चे अकेले रह जाएंगे।
कर्मचारियों का दर्द और डर
रेड के दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण था। एक ग्वाटेमाला से आए कर्मचारी, जो दो साल से फैक्ट्री में काम कर रहा था, ने बताया कि एजेंट्स ने पुरुषों के साथ आक्रामक व्यवहार किया और महिलाओं को धक्का-मुक्की कर अलग किया। उसने कहा, “सब डरे हुए थे। कुछ लोग चीख रहे थे, कुछ रो रहे थे।” इस कर्मचारी की पार्टनर, जो बिना कानूनी दस्तावेजों के थी, को भी हिरासत में ले लिया गया। उसे अभी तक यह नहीं पता कि उसकी पार्टनर कहां है। कई कर्मचारी, जो कानूनी दस्तावेज रखते थे, उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन वे भी सदमे में थे। कुछ तो रिहा होने के तुरंत बाद काम पर लौट आए, क्योंकि उनके पास और कोई रास्ता नहीं था।
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कारोबार पर असर
लेनी श्मिट, जो फैक्ट्री के सह-मालिक और वाइस प्रेसिडेंट हैं, ने इस रेड को “थिएट्रिकल” और “जरूरत से ज्यादा” बताया। उनके मुताबिक, फैक्ट्री में करीब 230 कर्मचारी काम करते हैं, और कंपनी ने सभी कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच के लिए हर संभव कोशिश की थी।
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राज्यपाल और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने इस रेड की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई ने मेहनती परिवारों को तोड़ दिया और कम से कम एक दर्जन बच्चों को अनिश्चितता में छोड़ दिया। होचुल ने बयान में कहा, “यह न्यूयॉर्क के मूल्यों के खिलाफ है। हम सीमाओं को सुरक्षित करने और अपराधियों को हटाने के लिए फेडरल सरकार के साथ काम करेंगे, लेकिन परिवारों को तोड़ने वाली ऐसी कार्रवाइयों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।” रूरल एंड माइग्रेंट मिनिस्ट्री ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें कर्मचारियों को बॉर्डर पेट्रोल की वैन में ले जाया जा रहा था।











