नई दिल्ली। अमेरिकी टैरिफ से भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को देखते हुए भारत सरकार विशेष प्रोत्साहन पैकेज की जल्द घोषणा कर सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निर्यातकों और विशेष रूप से प्रभावित होने वाले उद्योगों को लेकर इसके स्पष्ट संकेत दिए हैं। शुक्रवार को एक इंटरव्यू में सीतारमण ने कहा कि जो 50 फीसदी टैरिफ से प्रभावित हुए हैं, सरकार उनके लिए कुछ लेकर आएगी।
हाल ही में, अमेरिका ने कुछ स्टील और एल्युमिनियम उत्पादों के साथ-साथ अन्य विशिष्ट वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाए थे। इस कदम से भारतीय निर्यातकों में चिंता बढ़ गई थी, खासकर उन क्षेत्रों में जो अमेरिकी बाजार पर बहुत अधिक निर्भर हैं।
निर्मला सीतारमण ने इंटरव्यू में यह भी कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा। उन्होंने कहा, “चाहे रूसी तेल हो या कुछ और, हम दरों, लॉजिस्टिक्स या किसी भी अन्य चीज के संदर्भ में अपनी जरूरतों के अनुसार निर्णय लेंगे। केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि भारत के आयात बिल में कच्चे तेल का योगदान सबसे अधिक है।
जीएसटी में कटौती का लाभ पूरे देश के हर नागरिक को मिलेगा: वित्त मंत्री सीतारमण
वित्त मंत्री ने शुक्रवार कहा कि जीएसटी की दरों में कटौती का लाभ आम आदमी तक पहुंचना चाहिए, इसलिए केंद्र सरकार नवरात्रि के पहले दिन 22 सितंबर से लागू होने वाली नई कर व्यवस्था के क्रियान्वयन पर कड़ी नजर रख रही है। हमारा ध्यान आम आदमी, मध्यम वर्ग, उनकी जरूरतों और आकांक्षाओं पर है। जीएसटी में सुधार लाने के लिए पिछले 1.5 साल से काम चल रहा है और इनका वैश्विक व्यापार तनाव से कोई संबंध नहीं है।
सीतारमण ने कहा कि अब जीएसटी गुड और सिंपल है। पिछला रेट और नया रेट बहुत अलग नहीं है। जीएसटी लागू करते समय मनमाने रेट लागू नहीं किए गए थे, उस समय राज्यों में जो रेट लागू थे, वही जीएसटी के लागू होने पर रहे। उन्होंने कहा कि विपक्ष को रिसर्च करनी चाहिए। वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी को जो लोग गब्बर सिंह टैक्स कहते थे, उनके जमाने में इनकम टैक्स सबसे ज्यादा था। वित्त मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि हम निर्माताओं से लेकर राज्य सरकारों तक, सभी से बात कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नई जीएसटी दरों का लाभ आम आदमी तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर नागरिकों को जीएसटी सुधार के तहत वादा की गई राहत से वंचित किया गया, तो निर्माता, उद्योग हितधारक और राज्य सरकारें जवाबदेह होंगी।

















