बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में चल रहे गहन मतदाता पुनरीक्षण में गड़बड़ी को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अभी तक यह समझा जा रहा था कि यहां सिर्फ बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं लेकिन भागलपुर में कुछ पाकिस्तानी भी लंबे समय से रह रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इन लोगों ने सरकारी नौकरी भी प्राप्त कर ली है।
भागलपुर जिले में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के दौरान पता चला कि पाकिस्तान से आईं दो महिलाओं के नाम भी मतदाता सूची में शामिल हैं। खास बात यह है कि दोनों महिलाओं के पास आधार और वोटर आईडी कार्ड भी मौजूद हैं और उन्होंने कई बार मतदान भी किया है। मामला सामने आने के बाद गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उनके नाम मतदाता सूची से हटाने का आदेश दिया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि जिला प्रशासन ने बीएलओ के माध्यम से फॉर्म-7 भरकर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बिहार में गहन मतदाता पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। इस दौरान सभी मतदाताओं को अपना पहचान और जन्म प्रमाण पत्र निर्वाचन विभाग को देना है। इस क्रम में उनके दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है। निर्वाचन विभाग ने जब इनके दस्तावेजों की जांच की तो उन्हें संदेह हुआ। निर्वाचन विभाग ने इनके बारे में जानकारी प्राप्त करने का आदेश जिला के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक और निर्वाचन पदाधिकारी को दिया। इस जांच में यह तथ्य सामने आया कि ये दोनों महिलाएं भागलपुर के भीखनपुर मोहल्ले के टैंक लेन, गुमटी नंबर-3 में रहती हैं। एक का नाम इमराना खानम उर्फ इमराना खातून पति मोहम्मद इब्तुल हसन है, जबकि दूसरी फिरदौसिया खानम उर्फ फिरदौसिया खातून पति मोहम्मद तफजील अहमद है। दोनों मूल रूप से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के खुशाब जिले के रंगपुर गांव की रहने वाली हैं। बताया जा रहा है कि फिरदौसिया जनवरी 1956 में तीन महीने के वीजा पर भारत आई थी। वहीं, इमराना उसी साल तीन साल के वीजा पर भारत पहुंची। वीजा अवधि खत्म होने के बाद दोनों ने भारत में अवैध रूप से रहना शुरू कर दिया और स्थानीय लोगों से शादी कर ली। इसके बाद उन्होंने आधार और मतदाता पहचान पत्र भी बनवा लिया। दोनों ने वर्षों तक मतदान भी किया।
इमराना खातून सरकारी स्कूल में शिक्षिका भी है। वह 1 जुलाई तक स्कूल भी गई है लेकिन भेद खुलने के डर से वह अब लापता है। इसी प्रकार का एक मामला पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के चंदननगर में भी मिला था। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद जब घुसपैठियों की तलाश शुरू हुई थी तो चंदननगर इलाके से पाकिस्तानी महिला फातिमा बीवी को गिरफ्तार किया गया था। वह 1980 में अपने पिता के साथ टूरिस्ट वीजा पर आई थी। 1982 में उसने चंदननगर के ही एक बेकरी मालिक मुजफ्फर मल्लिक से शादी कर ली। मुजफ्फर मल्लिक ने गिरफ्तारी के बाद दावा किया था कि उसकी पत्नी चंदन नगर नगर पालिका के वार्ड नंबर 12 की .वोटर हैं। उनके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड जैसे सभी दस्तावेज मिले थे।

















