महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में धांधला का आरोप लगाने वाले विपक्ष को सर्वोच्च न्यायालय से तगड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग वाली एक याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। यह याचिका चेतन चंद्रकांत अहिरे द्वारा दायर की गई थी।
याचिका में दावा
याचिका में आरोप लगाया गया था कि 20 नवंबर 2024 को मतदान का समय समाप्त होने के बाद लगभग “76 लाख फर्जी वोट” डाले गए थे, और चुनाव आयोग द्वारा इन वोटों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके आधार पर, याचिकाकर्ता ने महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों को रद्द करने की मांग की थी।
कोर्ट ने सुनाया यह फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया क्योंकि इसमें ठोस सबूतों और कानूनी आधार की कमी थी। कोर्ट ने माना कि किसी चुनाव को चुनौती देने के लिए रिट याचिका दायर नहीं की जा सकती, बल्कि इसके लिए चुनाव याचिका (election petition) के माध्यम से ही चुनौती दी जानी चाहिए।
बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला
बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस संबंध में जून में फैसला सुनाया था। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा था कि पहले चुनाव आयोग के सामने याचिका दी जाती है। याचिकाकर्ता ने ऐसा नहीं किया। वैसे भी चुनाव याचिका के लिए 45 दिन की समय सीमा होती है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि एक अखबार में प्रकाशित एक लेख के आधार पर इस तरह की याचिका कैसे दाखिल की जा सकती है।
झूठ की दुकान चला रहे राहुल गांधी
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कथित वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोला है। भाटिया ने कहा कि राहुल ‘मोहब्बत की दुकान’ नहीं बल्कि ‘झूठ की दुकान और शोरूम’ चला रहे हैं।
















