मुंबई, (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुंबई सहित कई इलाकों में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। विभिन्न घटनाओं में अब तक 12 लोगों की मौत हो गई है। सैकड़ों घर गिर गए हैं और 5 लाख एकड़ जमीन पर फसल बर्बाद हो गई है। मुंबई में मीठी नदी में बाढ़ आ जाने से जहां कई इलाके जलमग्न हो गए हैं, वहीं रेलवे ट्रैक पर जलभराव से मुंबई की लाइफलाइन लोकल रेलवे सेवा बाधित हो गई है। सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है। बारिश की वजह से विजिबिलटी कम होने से हवाई सेवा पर असर पड़ा है।
राज्य के आपातकालीन विभाग के मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि उन्होंने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने का आदेश दिया है। मुंबई में मीठी नदी के आस-पास बसे लोगों को सुरक्षित स्थल पर पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीम तैनात कर दी गई है।
गिरीश महाजन ने बताया कि नांदेड़, कोल्हापुर, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग , नासिक, सातारा, रायगढ़ आदि जिलों में भी नदियों का जलस्तर बढ़ा है, इन जिलों में जिला प्रशासन, एनडीआरएफ की टीमें काम कर रही हैं।
मुंबई में आज सुबह से ही मूसलाधार बारिश हो रही है। इसके साथ ही समुद्र में ज्वार आया हुआ है। इससे मुंबई शहर का पानी समुद्र में नहीं जा पा रहा है। इससे अचानक मीठी नदी ने खतरे के निशान को पार कर लिया है। इससे कुर्ला, पवई, बांद्रा कुर्ला काम्प्लेक्स आदि इलाकों में पहली मंजिल तक पानी पहुंच गया है। पूरा क्रांति नगर मीठी नदी की बाढ़ से घिर गया है। यहां एनडीआरएफ और जिला प्रशासन ने अब तक 225 लोगों को सुरक्षित स्थल पर पहुंचा दिया है। यहां राहत और बचाव कार्य तीव्र गति से जारी है।
भारी बारिश से अंधेरी सबवे, मिलन सबवे, मालाड सबवे भर गया है , जिससे इन इन सबवे को बंद कर दिया गया है। भारी बारिश से पालघर जिले के वसई में मीठागार नामक इलाके में 145 परिवार पानी में घिर गए हैं, इसी तरह नालासोपारा और विरार में भी सैकड़ों इमारतों के आस पास बड़े पैमाने पर जलभराव हो गया है। इसी तरह ठाणे जिले के मुंब्रा, भिवंडी, मीरा भाईंदर आदि इलाकों में जलभराव हो गया है, इससे नागरिकों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।











