केदारनाथ आपदा के बाद केदारनगरी का पुनर्निर्माण करने वाले पूर्व कर्नल अजय कोठियाल को धामी सरकार ने धराली हर्षिल घाटी के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी दी है। उल्लेखनीय है कि भागीरथी और सहायक नदियों में आई बाढ़ के कारण इस घाटी में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
अजय कोठियाल इससे पहले नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्राचार्य रह चुके हैं। वह एवरेस्ट विजेता भी रहे हैं और कठिन परिस्थितियों में आपदा प्रबंधन के लिए जाने जाते हैं। सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञों की एक टीम भी आपदा प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करने तथा इस घटना के संभावित कारणों को जानने के लिए धराली पहुंच गई है।
विशेषज्ञों की इस टीम में उत्तराखण्ड भूस्खलन शमन एवं प्रबंधन केंद्र (ULMMC) के निदेशक शांतनु सरकार, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की (CBRI) के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. डी. पी. कानूनगो, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के निदेशक रवि नेगी, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक डॉक्टर अमित कुमार एवं ULMMC के प्रधान सलाहकार मोहित कुमार शामिल हैं।
विशेषज्ञों की इस टीम ने आज प्रभावित क्षेत्र में कई स्थानों का दौरा किया और आपदा से हुए नुकसान, उसकी प्रकृति और कारणों की व्यापक मौके पर जांच की। टीम ने मलबे के नमूनों की भी जांच की तथा खिरगड में मलबे के प्रवाह पैटर्न और फैलाव का भी जायजा लिया। विशेषज्ञ दल ने स्थानीय लोगों से भी घटना के बारे में जानकारी एकत्र की। इस टीम का स्थल निरीक्षण अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा।

















