अल्मोड़ा: शहर की हुसैन अली शाह की मजार क्षेत्र धार की तुनी अल्मोड़ा में बाहरी क्षेत्रों से आए संदिग्ध लोगों की सूचना पर आज अल्मोड़ा पुलिस और नगर प्रशासन ने मिलकर सत्यापन अभियान चलाया। जानकारी के मुताबिक, अभियान से पूर्व पूरे क्षेत्र को पुलिस के दस्ते ने घेर लिया।
जानकारी के मुताबिक, मजार में कई माहों से कुछ लोग रह रहे थे, जिनका सत्यापन नहीं करवाया गया और न ही उनका ब्यौरा कहीं रजिस्टर में दर्ज किया गया। मजार की इंतजामिया कमेटी ने इस अभियान में की जा रही पूछताछ पर इस बात को लेकर एतराज किया कि मजार में इबादत के लिए कोई भी आ सकता है।
मजार की आड़ में मुसाफिर खाना भी चला रहे
पुलिस को इस बात की जानकारी मिली थी कि मजार में एक मुसाफिर खाना भी चल रहा है जिसके लिए पुलिस प्रशासन का कहना था कि इबादत से किसी को कोई परेशानी नहीं है, लेकिन जो लोग यहां बाहर से रहने आयेंगे या लंबे समय से रह रहे हैं, उनका रजिस्टर में ब्यौरा दर्ज किया जाएगा और उनका बाकायदा सत्यापन किया जाएगा। खबर है कि मुसाफिर खाने के जन पड़ताल के दौरान उसका संचालक वहां से फरार हो गया।
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जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने इंतजामिया कमेटी और शहर से सयाने मुस्लिम लोगों के साथ बातचीत कर मुसाफिरखाने और आसपास इस तरह की गतिविधियों में नियम कानूनों का पालन करने की हिदायत देते हुए शाम तक सभी के सत्यापन दस्तावेज थाने में उपलब्ध कराने के लिए कहा है। उधर उक्त मजार के विषय में ये भी जानकारी मिली है कि ये सरकारी भूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण करके बनाई गई है, जिसके भू दस्तावेजों की भी तहसील स्तर से जांच पड़ताल की जा रही है। वन विभाग की उक्त भूमि पर अवैध रूप से मजार और मुसाफिर खाना बना दिए जाने से भी ये स्थान विवादित बताया जा रहा है।
एसपी देवेन्द्र पींचा ने बताया कि एक सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन ने सत्यापन अभियान चलाया है। इसमें बहुत से लोगों के पास सत्यापन संबंधी दस्तावेज नहीं थे और ये कार्रवाई अभी गतिमान है। इस अलावा उक्त मजार की भूमि संबंधी दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है ।

















